ईंट भट्ठियों और फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुंओं से निपटने के लिए लाहौर हाई कोर्ट ने साल 2017 में स्मॉग कमीशन बनाया था। इस कमीशन ने तीन महीनों के लिए ईंट भट्ठियों को बंद करने का फैसला किया और भट्ठी मालिकों और उसमें काम करने वाले कर्मचारियों को वर्कशॉप के लिए नेपाल भेजा गया। वहां उन्हें समझाया गया कि भट्ठियों का धुंआ कितना खतरनाक और जहरीला होता है।
पाकिस्तान में ये वर्कशॉप काफी हद तक फायदेमंद भी साबित हुआ। अब वहां ईंट भट्ठियों को आधुनिक तकनीक से बनाने की कोशिश चल रही है, ताकि वातावरण में धुंआ कम से कम फैले। साथ ही वहां एयर मॉनिटरिंग स्टेशन भी बनाए जा रहे हैं, ताकि हवा में प्रदूषण के स्तर को परखा जा सके।