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वकीलों की नई टीम के साथ जाधव मामले पर कानूनी जंग लड़ने की तैयारी में पाकिस्तान

Fri, 19 May 2017 01:23 PM IST
amarujala.com- Presented by: हर्षित गौतम
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जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में मुंह की खाने के बाद पाक अब नया दांव चलने की तैयारी कर रहा है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में अपने पक्ष को मजबूती से न रख पाने की वजह से पाक सरकार विपक्षी दलों समेत आमजन के निशाने पर आ गई है। पाकिस्तान का पक्ष रखने वाले वकीलों को दी गई फीस को लेकर भी पाकिस्तानी मीडिया और विपक्ष पाक सरकार पर निशाना साध रहा है। पाक ने इस मामले की पैरवी के लिए अपने वकील को 7 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।
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पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ के  विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा कि पाक ने अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में मजबूती के साथ अपना पक्ष रखा। अब हम अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखने के लिए वकीलों की नई टीम गठित करेंगे, जो मामले की पैरवी करेगी। अब तक पाकिस्तान की तरफ से खैबर कुरैशी पाकिस्तान की तरफ से आईसीजे में अपना पक्ष रख रहे थे।

इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने पाकिस्तान की सैन्य अदालत द्वारा जाधव को दी गई फांसी की सजा पर रोक लगा दी है। वहीं अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के फैसले के जवाब में सरताज अजीज ने कहा कि पाक की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है, हम अपनी संप्रभुता को बनाए रखने की पूरी कोशिश करेंगे।
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अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने खारिज किया पाक का ये मजबूत तर्क

- फोटो : SELF
अंतराष्टीय कोर्ट ने अंतरिम फैसले में पाक की उस दलील को खारिज कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कोर्ट को इस मामले में फैसले का अधिकार नहीं है। मुख्य जज रॉनी अब्राहम ने भारत के पक्ष में कहा कि वो इस्लामाबाद के भारत के खिलाफ दिए गए मुख्य तर्क को खारिज करते हैं। विएना कन्वेंशन के वैकल्पिक प्रोटोकॉल को शामिल करते हुए, भारत ने तर्क दिया था कि अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के पास जाधव की मौत की सजा के मामले में न्यायिक क्षेत्र का अधिकार है।

जाधव की 2016 में हुई गिरफ्तारी के बाद भारत ने 16 बार पाक से इस मामले में काउंसलर एक्सेस की मांग की थी, जिसे पाकिस्तान ने ये कहते हुए हमेशा मना कर दिया कि जासूसी में पकड़े जाने की वजह से जाधव मामले पर भारत को विएना संधि के तहत काउंसलर एक्सेस नहीं मिल सकता।

जाधव की फांसी पर रोक लगाने के साथ ही आईसीजे अब इस मामले में दोनों पक्षों से एक विस्तृत रिपोर्ट की मांग करेगा। अभी इस मामले की अगली डेट्स की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन कहा जा रहा है कि इस मामले में एक साल का वक्त लग सकता है।
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