पाकिस्तान में सिनेमाघर सोमवार से भारतीय फिल्में दिखाएंगे, क्योंकि वितरकों एवं सिनेमाघर मालिकों ने उड़ी हमले के बाद उत्पन्न भारत-पाकिस्तान तनाव के बाद लगाए प्रतिबंध को हटा लिया है। फिल्म वितरक एसोसिएशन के अध्यक्ष जोरैशी लाशरी ने बताया कि संबंधित पक्षों के साथ चर्चा के बाद यह तय किया गया कि भारतीय फिल्मों का प्रदर्शन सोमवार से बहाल किया जाए।
उन्होंने शनिवार को कहा कि सिनेमाघर मालिकों एवं इस उद्योग के अन्य पक्षों पर भारतीय फिल्मों के प्रदर्शन पर अस्थायी रोक के फैसले की बड़ी मार पड़ी है। नए सिनेप्लेक्सों एवं मल्टी प्लेक्सों को उन्नत बनाने एवं उनके निर्माण पर बहुत निवेश किया गया था, लेकिन इस समय धंधा नई भारतीय फिल्मों के प्रदर्शन पर निर्भर है। सिनेमाघर मालिकों ने कहा कि उन्होंने भारतीय फिल्मों के प्रदर्शन पर बस अस्थायी रोक लगाई थी न कि पूर्ण रोक।
आट्रियम सिनेमा के नदीम मंडीवाला ने कहा कि अस्थायी रोक के चलते जो फिल्में नहीं दिखाई जा सकीं, सबसे पहले वे दिखाई जाएंगी। दिखाई जाने वाली सबसे पहली फिल्म नवाजुद्दीन सिद्दिकी की ‘फ्रीकी अली’ है। इस उद्योग के सूत्रों ने बताया कि जब नई एवं पुरानी पाकिस्तानी फिल्मों तथा नवीनतम हॉलीवुड फिल्मों के बाद भी सिनेमा हॉल खाली रहने लगे जब ज्यादातर सिनेमा घर मालिक, वितरक और भारतीय फिल्मों के आयातकों के हाथ-पैर फूल गए।