जब जासूसी के आधुनिक उपकरण विकसित नहीं हुए थे, कबूतरों से जासूसी कराना आम बात थी। पर क्या आज के इस आधुनिक युग में भी कबूतरों से जासूसी होती है? यह सवाल इसलिए उठा है क्योंकि पंजाब के पठानकोट में एक कबूतर पुलिस के कब्जे में है। आशंका जताई जा रही है इसे भारत में जासूसी करने के लिए पाकिस्तान से भेजा गया है।
पठानकोट के एसएसपी राकेश कौशल कहते हैं, "इसमें कोई संदेह नहीं कि यह कबूतर पाकिस्तान से आया है। बुधवार को उसे एक आदमी ने पाकिस्तान की सीमा से तीन चार किलोमीटर दूर मनवाल गांव में पकड़ा था। कबूतर के पंखों पर ‘तहसील शुक्र गढ़, जिला नरवाल’ लिखा है।
"उन्होंने बताया, "इसके अलावा और कुछ उर्दू में लिखा है, जिसे पढ़ा नहीं जा सका है। कबूतर के पंखों पर एक नंबर भी लिखा हुआ है, लेकिन यह फोन नंबर नहीं है। बहरहाल, एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है।” इसके आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि कबूतर भेजने का मकसद जासूसी ही है।
कौशल ने कहा, “अभी ऐसे कोई सबूत नहीं मिले हैं, जिनके आधार पर उसे जासूस कहा जा सके। हमने कबूतर का एक्स-रे भी कराया है। पर हमे उसके अंदर कोई कैमरा या ट्रासंमीटर नहीं मिला है।”