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पाकिस्तान में आठ लोगों को फांसी पर लटकाया

Thu, 28 May 2015 05:30 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला
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वर्ष 1998 में पाकिस्तानी एयरलाइन्स के विमान का अपहरण कर भारत ले जाने का प्रयास करने वाले तीन अभियुक्तों समेत आठ लोगों को पाकिस्तान की अलग-अलग जेलों में गुरूवार फांसी पर लटका दिया गया। प्लेन हाईजैक करने वाले तीन अभियुक्तों में शहसवार और सबीर को हैदराबाद जेल में फांसी दी गई तीसरे अभियुक्त शब्बीर को कराची केंद्रीय जेल में फांसी पर लटकाया गया।
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मालूम हो कि 20 अगस्त 1998 को हैदराबाद की एक अदालत ने इन्हें फांसी की सजा सुनाई। इन तीनों ने वर्ष 1998 में पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन के एक फोकर विमान हाईजैक किया था, और हाईजैक के बाद इसे भारत ले जाने का प्रयास कर रहे थे।

बलूचिस्तान के तुरबत शहर से कराची के लिए उड़ान भरते के बाद ही इसे हाईजैक कर लिया था। हाईजैक के दौरान विमान में कुल 30 यात्री यात्रा कर रहे थे। विमान के कैप्टन उजैर खान ने हैदराबाद हवाईअड्डे पर विमान उतार दिया था। और उन्हें बताया गया कि वह भारत में उतरे हैं।
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इनको भी दी गई फांसी

वहीं वर्ष 2003 में एक नाबालिग लड़के की हत्या के दोषी एक अन्य कैदी को कराची की केंद्रीय जेल में फांसी दी गई। मौत की सजा पाए वर्ष 1998 में एक व्यक्ति की हत्या के दोषी को अट्टक केंद्रीय जेल में फांसी दी गई।

दोहरी हत्या के मामले में दोषी को साहीवाल केंद्रीय जेल में फांसी दी गई। वहीं पाकिस्तान की जिला जेल सरगोढ़ा में और एक अन्य दोषी को हरीपुर केंद्रीय जेल में फांसी पर चढ़या गया। इस पर 1999 में एक व्यक्ति की हत्या करने का दोषी पाया गया।

 बता दें के अभी कुछ समय पहले पाकिस्तान के पेशावर स्कूल में तालिबान हमले के बाद यहां मौत की सजा से प्रतिबंध हटा दिया गया था। पेशावर हमले में 136 स्कूली बच्चे मारे गए। इसके बाद से पाकिस्तान में मौत की सजा पाए कुल 125 लोगों को फांसी दी जा चुकी है। वहीं पाकिस्तान में मौत की सजाओं की बहाली के लिए मानवाधिकार संस्थाओं ने पाकिस्तान की आलोचना की है।
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