कराची में डोनाल्ड ट्रंप के विरोध में प्रदर्शन
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पाकिस्तान को मिलने वाली 1628 करोड़ की सैन्य मदद पर अमेरिका की ओर से रोक लगने के बाद पाकिस्तान में कट्टरपंथी समूह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ ने कराची में प्रदर्शन कर रहे हैं। वित्तीय मदद रुकते ही बौखलाए पाकिस्तान सरकार ने सोमवार रात पाकिस्तान में अमेरिकी राजदूत डेविड हाले को समन किया।
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दिफा-ए-पाकिस्तान काउंसिल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के खिलाफ पाकिस्तान के कराची में प्रदर्शन किया है। दिफा-ए-पाकिस्तान काउंसिल में जमात-उद-दावा समेत 40 से ज्यादा पाकिस्तान के राजनीतिक और धार्मिक पार्टियों का गठबंधन है जो कट्टर दक्षिणपंथी विचारों का संरक्षण करते हैं। इनमें से कई पार्टियां प्रतिबंधित संगठन की सूची में शामिल है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पाक पीएम ने हाई लेवल मीटिंग बुलाई है।
आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान पर झूठ और धोखे का आरोप लगाया था और पाकिस्तान में बढ़ते आतंकवाद की वजह से 255 मिलियन डॉलर की मदद पर रोक लगा दी थी।
ट्रंप के फैसले के बाद पाकिस्तान के पीएम शाहिद खाकान अब्बासी ने नेशनल सिक्योरिटी कमेटी के साथ आज मीटिंग का आदेश दिया जिसमें वह आने वाले समय में पाक सरकार का रूख स्पष्ट करेंगे।आज सुबह यूएस दूतावास ने इस बात की जानकारी दी है कि यूएस के राजदूत डेविड हाले को सोमवार को पाकिस्तानी समयानुसार रात 9 बजे पाक सरकार ने समन किया है।
ट्रंप ने 1 जनवरी को ट्वीट कर पाकिस्तान पर झूठ और धोखे का आरोप लगाया था और कहा था कि पाकिस्तान आतंकियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बन गया है।वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि हम ट्रंप के ट्वीट का जवाब जल्द ही देंगे।
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उन्होंने कहा कि हम जल्द ही दुनिया को सच्चाई बताएंगे, जिससे दुनिया को पता लग सके कि फैक्ट और फिक्शन में अंतर होता है। ख्वाजा ने कहा कि हम यूएस से पहले ही कह चुके हैं कि अब हम और कुछ नहीं करेंगे, इसलिए ट्रंप का 'नो मोर' महत्व नहीं रखता। पाकिस्तान सार्वजनिक रूप से यूएस द्वारा दी गई मदद की जानकारी देने के लिए तैयार है।