पेशावर में स्कूल हमले की दो स्याह रातों के बाद अब मारे गये लोगों के आंकड़ों के चेहरे तलाश हो रहे हैं। कौन थे वे बच्चे या शिक्षक? क्या याद रह गया है उन लोगों के बारे में उन लोगों को, जो ज़िंदा रह गये हैं पेशावर में। मारे गये लोगों की शिनाख्त हो रही है।
सोशल मीडिया पर स्कूली बच्चे टीचर ताहिरा काजी को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्कूल में उनका कितना सम्मान था।
रहीम ख़ान ने लिखा है कि दिल रो रहा है। उन्होंने ट्वीट किया-"मेरी प्यारी टीचर ताहिरा काजी, आप एक शहीद हैं।" उन्होंने ताहिरा काजी के साथ अपनी एक तस्वीर भी पोस्ट की है।
ताहिरा काजी स्कूल की उन अधिकारियों-कर्मचारियों में शामिल थीं, जिनकी मौत तालिबान के हमले में हुई। ताहिरा को पेशावर की सबसे अनुभवी शिक्षक कहा जाता था। हमले के चश्मदीद गवाहों ने स्थानीय मीडिया को बताया है कि ताहिरा कई बच्चों को सुरक्षित निकालने में कामयाब रहीं। उन्होंने कई बच्चों के माता-पिता को फोन कर स्कूल से बच्चों को ले जाने के लिए कहा था।
पैरों में गोलियां लगी, लेकिन बचकर निकलने में कामयाब रहे
शाहरुख खान, (घायल) छात्रः शाहरुख खान के दोनों पैरों में गोलियां लगीं लेकिन स्कूल परिसर से निकलने में कामयाब रहे। उन्होंने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, "आठवीं से लेकर दसवीं कक्षा के छात्रों का विशेष सेमिनार मुख्य हॉल में चल रहा था, तब हमने गोलियों की आवाज सुनी। कई लोग हॉल में घुस आए और गोलियां चलाने लगे। प्रिसिंपल और कई टीचर उस वक्त हॉल में मौजूद थे।"
शेर शाह, छात्रः शेर शाह की उम्र 14-15 साल के बीच थी। उनके पिता सीमेंट फैक्टरी में काम करते हैं।
सईद खान, शिक्षकः सईद खान का अंतिम संस्कार पेशावर में कर दिया गया है। बिन कुतुब फाउंडेशन ने बताया है कि सईद खान आम लोगों की सहायता के लिए संस्था की मदद करने वालों में शामिल थे।
दफन हो गई हसरतें
उस्मान सादिक अब्बासी, छात्रः उस्मान सादिक अब्बासी के एक मित्र ने बीबीसी को बताया कि वो दसवीं कक्षा का छात्र था और उनका शव अंतिम संस्कार के लिए ऐबटाबाद ले जाया गया है।
यासिरूल्लाह, छात्रः यासिरूल्लाह की उम्र आठ साल थी। वे पेशावर के पत्रकार मंजूर अली के रिश्तेदार थे।
सोफिया अमजद, शिक्षकः सोफिया अमजद आर्मी स्कूल में पढ़ाती थीं। उन्होंने पेशावर के एक वकील से शादी की थी। स्थानीय मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक सोफिया का सपना अपनी बेटियों का विवाह करने का था।
मोबिन शाह आफरीदीः स्कूल के बेहतरीन छात्रों में शुमार मोबिन शाह आफरीदी डॉक्टर या इंजीनियर बनना चाहते थे। उन्हें सिर के पीछे गोली तब मारी गई जब वे खिड़की के रास्ते बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। उनका अंतिम संस्कार बुधवार की सुबह किया गया।
नुरुल्लाह दुरानी और सैफुल्लाह दुरानी दोनों भाई थे। उनकी एक रिश्तेदार जेना चौधरी ने ट्विटर पर लिखा है, ''वो मंगलवार को नए जूते पहनकर स्कूल गए थे। इससे वो बहुत खुश थे। नुरुल्लाह के मारे जाने के बाद सैफुल्लाह ने अपनी बड़ी बहन को पुकारा कि वे छोटी बहन को बचाएँ।''
ऐमल खानः ऐमल ख़ान की उम्र 20 साल थी। ऐमल के एक दोस्त ने हमले में उनकी मौत की पुष्टि की है।
हयात उल्लाहः हमले में मारे गए छात्र हयात उल्लाह एक फौजी अफसर के बेटे थे। उनका नाम मेजर सिकंदर बताया जाता है।
बीनिस परवेज, शिक्षकः स्थानीय मीडिया में आई ख़बरों के मुताबिक़ बीनिस की मंगलवार को हुए हमले में मौत हो गई। वो स्कूल की एक अध्यापिका थीं।