बढ़ते भुगतान संतुलन के संकट से निपटने के लिए पाकिस्तान ने अंतत: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की शरण में जाने का फैसला किया है। पाक सरकार ने शुरूआती हिचकिचाहट के बाद बेलआउट पैकेज के लिए आईएमएफ से मदद मांगने का औपचारिक एलान किया, जबकि अमेरिका ने इस बेलआउट पैकेज को लेकर आईएमएफ को पहले से ही चेतावनी दी हुई है।
इससे पहले पाक पीएम इमरान खान ने देश की अर्थव्यवस्था को राहत देने के लिए इस तरह के कदमों का विरोध किया था। लेकिन वित्त मंत्री असद उमर के मुताबिक पीएम ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है। इसके बाद आईएमएफ से बातचीत शुरू कर दी जाएगी। बता दें कि यदि पाक सरकार आईएमएफ के पास जाती है तो यह उसका अब तक का 13वां बेलआउट पैकेज होगा।
हालांकि पाकिस्तान के पास चीन से कर्ज लेने का भी एक विकल्प मौजूद है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने आईएमएफ को चेताया था कि पाक अपनी बेलआउट मदद राशि का प्रयोग चीन से लिया कर्ज चुकाने में कर सकता है।