दोषी के खिलाफ 25 पीड़ितों ने प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से पुलिस को बयान दर्ज कराए थे। हालांकि, माना जाता है कि पीड़ितों की बड़ी संख्या सामने ही नहीं आई। मारवात के खिलाफ एक आरोप यह भी था कि उसने 18 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं का यौन शोषण भी किया।
इसके अलावा उस पर यौन शोषण के दौरान मोबाइल फोन व स्कूल में लगे गुप्त वीडियो कैमरों द्वारा वीडियो रिकॉर्डिंग करने और उन्हें यूएसबी में सेव करने का भी आरोप है। अताउल्ला पर आरोप हैं कि उसने जान से मारने की धमकी देकर कई महिलाओं का शोषण किया।
पिछले साल गिरफ्तारी के बाद दोषी प्रधानाचार्य ने न्यायायिक मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया था। हालांकि उसने कहा था कि वह व्यभिचार के उद्देश्य से स्कूल में बाहर से महिलाओं को लाता था। उसने कहा था कि अपनी यौन गतिविधियों का वीडियो बनाना उसका शौक है। उसने बताया था कि ऐसे 26 वीडियो उसके कंप्यूटर में सेव हैं।
पुलिस ने यूएसबी ड्राइव और मेमोरी कार्ड बरामद किए जिसमें कई ऐसे वीडियो मिले जिनमें दोषी प्रधानाचार्य को छात्र-छात्राओं का शोषण करते हुए पाया गया था।