बता दें कि इससे पहले इस्लामाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस शौकल सिद्दीकी भी न्यायपालिका और मीडिया पर नियंत्रण की कोशिशों को लेकर आईएसआई को आड़े हाथों ले चुके हैं। उन्होंने बार एसोसिएशन को संबोधित करते हुए कहा था कि आईएसआई अपने अनुकूल फैसलों के लिए लगातार न्यायपालिका पर दबाव बना रही है। इनमें नवाज शरीफ का केस भी शामिल है। आईएसआई नहीं चाहती कि नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम नवाज 25 जुलाई को होने जा रहे चुनावों से पहले जेल से बाहर आएं।
सेना इमरान खान के हक में बना रही माहौल
पाकिस्तानी सेना पर भी आरोप लग रहे हैं कि वह राजनेता इमरान खान के पक्ष में माहौल बना रही है। इसके लिए पीटीआई चीफ इमरान के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी नवाज शरीफ की खबरों को मीडिया कवरेज तक नहीं दी जा रही है।
पाकिस्तान के सबसे लोकप्रिय चैनल जियो टीवी को नवाज शरीफ की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया लेकिन इसकी कवरेज नहीं करने दी गई। इसकी जगह टीवी चैनल पर इमरान खान की रैली और उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर के हाइलाइट्स दिखाए गए।