पाकिस्तान में कौमी और सूबाई असेंबलियों का पहला सत्र आरंभ होने के लिए 15 अगस्त की समयसीमा से पहले प्रमुख पदों पर नामांकन को ले कर राजनीतिक पार्टियों में होड़ मची है। पाकिस्तानी संविधान के अनुसार पहला सत्र चुनाव के 21 दिन के अंदर बुलाया जाना चाहिए।
संघीय कानून मंत्री अली जफर ने पिछले हफ्ते कहा था कि कार्यवाहक सरकार 15 अगस्त तक सत्ता हस्तांतरण पूरा करना चाहती है। सभी राजनीतिक पार्टियां और पाकिस्तान चुनाव आयोग यह समयसीमा पूरा करने के लिए सख्त मशक्कत कर रहे हैं।
संसदीय चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की संसदीय समिति की आज बैठक होने जा रही है जिसमें खान को औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री के तौर पर नामित किया जाएगा।
पीटीआई के प्रवक्ता फवाद चौधरी ने बताया कि बैठक में संघीय मंत्रिमंडल के लिए नाम तय किए जा सकते हैं। पार्टी पंजाब और खैबर-पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्रियों के नाम को भी अंतिम रूप दे सकती है।
पाकिस्तान की कौमी असेंबली में कुल 342 सदस्य होते हैं जिनमें 272 प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित होते हैं। कोई पार्टी तब ही सरकार बना सकती है जब वह कुल 172 सीटों पर काबिज होती है। पीटीआई को चुनाव में 116 सीटें मिली हैं।
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की भी आज बैठक होने जा रही है। इसमें शहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री पद के लिए विपक्ष का संयुक्त उम्मीदवार नामित किया जाएगा। खान और शरीफ के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बहरहाल, शरीफ को विपक्ष के नेता के रूप में सब्र करना पड़ सकता है क्योंकि सरकार बनाने के लिए खान के पास काफी समर्थन है।
पीएमएल-एन और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के बीच एक अहम बैठक इस्लामाबाद में होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस बैठक में दोनों पार्टियां प्रधानमंत्री और कौमी असेंबली के अध्यक्ष के पद के चुनाव के लिए अपनी रणनीति को अंतिम रूप देंगी।
उल्लेखनीय है कि कौमी असेंबली के अध्यक्ष पद के चुनाव में पीपीपी, पीटीआई के खिलाफ अपना उम्मीदवार उतारेगी।