भारत प्रशासित कश्मीर के पुंछ में पाँच भारतीय सैनिकों की मौत पर संसद में नेताओं ने गुस्सा जताया है। रक्षा मंत्री एके एंटनी ने लोकसभा में घटना की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों की पोशाक में आए 20 हथियारबंद आतंकवादियों ने भारतीय जवानों पर हमला किया।
एंटनी ने कहा कि भारतीय सेना ऐसी घटनाओं से निपटने और नियंत्रण रेखा की रक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है। रक्षा मंत्री ने ये भी कहा कि पाकिस्तान ने इस साल अब तक 57 बार युद्ध विराम का उल्लंघन किया है।
पाकिस्तान का इनकार
पाकिस्तान ने भारत के साथ नियंत्रण रेखा पर पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के मामले में उसके सैनिकों के शामिल होने के भारत के आरोप से इनकार किया है।
पाकिस्तान का कहना है कि वह भारत के साथ जल्द से जल्द बातचीत फिर शुरू करना चाहता है। इस्लामाबाद स्थित बीबीसी संवाददाता चार्ल्स हैवीलैंड के अनुसार पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने ईमेल से भेजे एक बयान में भारत के आरोपों को ख़ारिज किया।
पाकिस्तानी सेना की वर्दी में थे आतंकवादीः एंटनी
पाकिस्तान ने इन आरोपों को 'अकारण और आधारहीन' बताया। बयान में पाकिस्तान ने गोलाबारी की किसी घटना से इनकार किया है जिससे पांच भारतीय सैनिकों की मौत हो सकती हो।
विदेश मंत्रालय का कहना है कि ऐसी निराधार रिपोर्टों से बचना चाहिए। पाकिस्तान दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच 2003 के संघर्ष विराम समझौते पर कायम है।
हंगामा
रक्षा मंत्री के बयान के बाद विपक्षी नेता सवाल पूछने की इजाज़त चाहते थे लेकिन सवाल पूछने की इजाज़त न मिलने पर उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया और लोकसभा को बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक भाजपा और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कहा कि सरकार पाकिस्तान के बार-बार के हमलों को लेकर "ख़ुद को बेबस क्यों महसूस" कर रही है।
पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि "कांग्रेस भारत के साथ है या पाकिस्तान के साथ?"
राज्यसभा में विपक्ष के उप नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि "सरकार और कितने जवानों के मरने पर जगेगी?"
सरकार की आलोचना
समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह ने कहा कि पाकिस्तान 1971 का बंटवारा भुला नहीं पा रहा है और उसका बदला भारत से लेना चाहता है।
मुलायम ने लोकसभा में कहा, “भारत को पाकिस्तान और चीन से गंभीर ख़तरा है। क्लिक करें चीन धोखेबाज़ है और उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। चीन ने हिन्दी चीनी भाई-भाई के नाम पर पंडित नेहरू को धोखा दिया और वो एक बार फिर भारत पर हमले की तैयारी कर रहा है। सरकार को सावधान रहने की ज़रूरत है।"
हालांकि सीपीआई के सांसद गुरुदास दासगुप्ता ने घटना की निंदा की लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि भारत-पाकिस्तान में बातचीत जारी रहनी चाहिए।
विपक्ष के हमले को लेकर घिरी हुई महसूस कर रही सरकार संसद में बचाव की मुद्रा में दिखाई दी।
बीजेपी ने न सिर्फ संसद में बल्कि संसद के बाहर भी सरकार पर हमला बोला।
आम चुनावों के लिए बीजेपी की प्रचार समिति के अध्यक्ष और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, "चीन की घुसपैठ से लेकर पाकिस्तान के हमलों तक - यूपीए। सररकार भारत की सीमाओं की रक्षा में बिलकुल सुस्त रही है। आखिर केंद्र सरकार कब जागेगी?"
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय का बयान
पाकिस्तान भारतीय मीडिया के कुछ वर्गों में लगाए जा रहे इन आरोपों को खारिज करता है जिनके मुताबिक पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा पार कर हुए हमले में पांच भारतीय सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है।
ये निराधार और बेबुनियाद आरोप हैं। हमारी सेना के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ऐसी किसी तरह की कोई गोलीबारी नहीं हुई है जिससे ऐसी घटना होती।
पाकिस्तान 2003 में हुए संघर्षविराम को लेकर बराबर वचनबद्ध है जो आपसी विश्वास को बढ़ाने वाला अहम कदम है और उसका पूरी तरह पालन किया जाना चाहिए। पाकिस्तान इसके पालन और मौजूदा सैन्य तंत्र को मजबूत करने की भी अपील करता है ताकि माहौल को खराब करने वाली इस तरह की निराधार रिपोर्टों से बचा जा सके।
पाकिस्तान भारत के साथ रचनात्मक, सतत और परिणाम आधारित संवाद को लेकर वचनबद्ध है और जल्द जल्द से बातचीत की प्रक्रिया बहाल करने की उम्मीद करता है। ये महत्वपूर्ण है कि दोनों ही पक्ष सकारात्मक माहौल बनाए रखने और नकारात्मक दुष्प्रचार से बचने के लिए गंभीरत प्रयास करें।