पड़ोसी मुल्क 77वां 'पाकिस्तान दिवस' मना रहा है। इस मौके पर सैन्य बेड़े की ताकत का प्रदर्शन किया गया। इस शक्ति प्रदर्शन का खास आकर्षण तीन देशों चीन, सऊदी अरब और तुर्की की सैन्य टुकड़ियां रहीं, जिन्होंने पाक धरती पर आयोजित समारोह में कदम ताल की। साथ ही मिसाइल, टैंक और लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन भी किया गया। चूंकि भारत से पाकिस्तान की तनातनी जगजाहिर है इसलिए उसके प्रदर्शन की गतिविधियों को भारत की क्षमताओं को चुनौती देने के तौर पर देखा देखा जा रहा है।
इस बार भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में भी संयुक्त अरब अमीरात के अबू धावी के क्राउन प्रिंस शेख मुहम्मद बिन जायद अल नाह्यान मुख्य अतिथी थे और उनकी फौज की एक टुकड़ी ने राजपथ पर परेड भी की थी। बड़ा सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान इस तरह के प्रदर्शन के बलबूते भारत की ताकत को चुनौती दे सकता है? दूसरी बड़ी बात यह रही कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने शक्ति प्रदर्शन के इस मौके पर कश्मीर का राग अलाप दिया।