पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय को रावलपिंडी से हस्तांतरित करके इस्लामाबाद लाने की योजना की सरकार ने समीक्षा की है। शीर्ष रक्षा सूत्रों के मुताबिक सेना इस योजना पर अमल के लिए 100 अरब रुपये देगी।
रक्षा को लेकर सीनेट की स्थायी कमेटी को संबोधित करते हुए रक्षा सचिव लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) जमीरउल हसन ने कहा कि 2450 एकड़ जमीन इस्लामाबाद में रक्षा कांपलेक्स के लिए आवंटित की जा चुकी है।
यह भी बताया कि इसके मद्देनजर पांच हजार परिवारों को अन्य स्थानों पर भेजना होगा। हसन के मुताबिक रक्षा कांपलेक्स के निर्माण में करीब 100 अरब रुपये खर्च होंगे। गौरतलब है कि रक्षा मुख्यालय को हस्तांतरित करने की योजना पर 1970 से विचार हो रहा है।
लेकिन 2008- 09 के दौरान वित्तीय बाधाओं के चलते तत्कालीन जनरल असफाक परवेज कियानी के निर्देश पर इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। 2009 में सेना की वर्दी में आए आतंकियों ने सैन्य मुख्यालय में हमला कर दिया था। हालांकि सभी चारों आतंकी मारे गए लेकिन इसमें छह सैनिक भी शहीद हो गए।