इंटरनेशनल कोर्ट में जाधव मामले में पाकिस्तान का पक्ष रखने वाले वकील खावर कुरैशी ने केस में ली गई फीस को लेकर चल रही अफवाहों पर भारत सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। जियो न्यूज से बातचीत में कुरैशी ने कहा कि 'मेरी फीस को लेकर चल रही सभी बातें अफवाह हैं और यह मुझे बदनाम करने का भारत का हथकंड़ा हैं।
गौरतलब है कि कुरैशी को केस की पैरवी करने के लिए पांच करोड़ की भारी रकम लेने के लिए सोशल मीडिया पर घेरा गया। वहीं कोर्ट में मिली हार के बाद खावर कुरैशी को विपक्ष और विशेषज्ञों की आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा। विशेषज्ञ यह कहते हुए उन्हें दोष दे रहे हैं कि उन्होंने इस केस के लिए ठीक से तैयारी नहीं की थी।
वहीं भारत की तरफ से वकील हरीश साल्वे ने मात्र एक रुपए फीस लेकर केस की पैरवी की। जिसके बाद कहा गया कि साल्वे ने मातृभूमि के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की।
बता दें कि कुरैशी ने भारत सरकार के लिए भी पैरवी की थी। साल 2004 में यूपीए सरकार ने कुरैशी को अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट में भारत की तरफ से पैरवी के लिए नियुक्त किया था।
साल 2004 में महाराष्ट्र में रत्नागिरी दाभोल परियोजना में एनरॉन कंपनी ने भारत सरकार पर 6 अरब अमेरिकी डॉलर का केस कर दिया था। जब यह मामला आईसीजे आर्बिट्रेशन में गया तो अपना केस लड़ने के लिए भारत सरकार ने कुरैशी को ही अपना वकील नियुक्त किया था।