पुंछ में हुई पाक बैट टीम की कार्रवाई में आतंकवादी नहीं, बल्कि पाकिस्तानी सेना के स्पेशल सर्विस ग्रुप (एसएसजी) के छह कमांडो शामिल थे। नियंत्रण रेखा (एलओसी) के गुरंग व समीला पोस्ट के बीच बृहस्पतिवार दोपहर भारतीय सेना की 10 जवानों की टुकड़ी गश्त पर थी तभी उन्हें जंगल में किसी की मौजूदगी का आभास हुआ।
घुसपैठ की आशंका में जवानों ने गोलियां बरसानी शुरू कर दी, जिसमें पाक सेना के दो जवान मारे गए, लेकिन इसी दौरान दुश्मन की ओर से हुई फायरिंग में सेना के दो जवान शहीद हो गए। इस घटना के बाद एलओसी पर दोनों ओर स्थित चौकियों से भी जबरदस्त गोलीबारी शुरू हो गई।
सेना के मुताबिक एसएसजी के कमांडो एलओसी पार कर 600 मीटर भीतर आ गए थे और भारतीय चौकी से सिर्फ 200 मीटर की दूरी पर घात लगाकर बैठे थे। अगर गश्ती दल से इनका सामना नहीं होता तो उनका इरादा बड़ी वारदात को अंजाम देने का था। मारे गए पाक सेना के एक जवान को अन्य जवान अपने साथ ले गए, लेकिन दूसरे को वे नहीं ले जा सके।
भारत पाक से कहेगा कि वह मारे गए अपने दूसरे जवान का भी शव ले जाए। अगर पाक इनकार करता है तो उसे भारत में ही दफना दिया जाएगा। सेना के उच्चपदस्थ सूत्र ने बताया कि पाक बैट की ऐसी कार्रवाई आम तौर पर देर रात या सुबह के समय होती है, लेकिन इस बार उन्होंने दोपहर में अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देने की कोशिश की थी।