पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ द्वारा भारत में 4.9 अरब डॉलर जमा कराने की खबरों को विश्व बैंक ने गलत बताया है। पाकिस्तानी मीडिया में पिछले कुछ दिनों से ऐसी खबरें चल रही हैं।
शरीफ के मनी लांड्रिंग में शामिल होने की खबरें पिछले कुछ दिनों से मीडिया में चल रही हैं। इसके बाद पाकिस्तान की भ्रष्टाचार रोधी संस्था, राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो ने शरीफ के खिलाफ मंगलवार को जांच के आदेश दे दिए।
अपने बयान में विश्व बैंक ने कहा कि विश्व बैंक के ‘रेमिटेंस एंड माइग्रेशन रिपोर्ट ऑफ 2016’ का उल्लेख करते हुए मीडिया में कुछ रिपोर्टें चल रही हैं। ये मीडिया रिपोर्टें गलत हैं। रिपोर्ट में ना तो किसी मनी लांड्रिंग का जिक्र है और ना ही किसी व्यक्ति विशेष का।
एनबीए मनीलांड्रिंग मामले में शरीफ के खिलाफ जांच चुनाव पूर्व हेराफेरी
वहीं प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी ने संसद में पाकिस्तान विरोधी भ्रष्टाचार इकाई के प्रमुख पर बरसते हुए कहा कि भारत में 4.9 खरब डॉलर के कथित मनीलांड्रिंग के लिए पूर्व प्रधानमंत्री शरीफ के खिलाफ जांच की शुरुआत करना चुनाव पूर्व हेराफेरी के दायरे में आता है।
राष्ट्रीय जवाबदेह ब्यूरो (एनएबी) के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस जावेद इकबाल ने मंगलवार को इस मामले में शरीफ के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। नेशनल एसेंबली में प्रधानमंत्री अब्बासी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ एक गंभीर आरोप है।
मौजूदा राजनीतिक माहौल में यह मामला चुनाव पूर्व हेराफेरी के दायरे में है। दो महीने में पाकिस्तान में आम चुनाव होने हैं और एनबीए प्रधानमंत्री के खिलाफ भारत में निवेश का आरोप लगा रहा है। यह हम सभी के लिए शर्मनाक है।