पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कश्मीरियों को भड़काने के लिए एक बार फिर कश्मीर राग अलापा है। इस बार उन्होंने बकरीद का बहाना चुना है। बकरीद के मौके पर मुबारकबाद देते हुए शरीफ ने कहा कि कश्मीरियों के बलिदान जाया नहीं जाएगा।
शरीफ ने कहा, 'जब तक कश्मीरियों को उनका हक नहीं मिल जाता पाकिस्तान उनके साथ है। कश्मीरियों को हक दिलाने के लिए पाकिस्तान वो सारे कदम उठाएगा, जिसके माध्यम से उन्हें भारत से आजादी हासिल हो।'
उन्होंने कहा, 'ईद के मौके पर कश्मीरियों से पीएम नवाज शरीफ का ये संदेश है कि उनके बलिदान को वो कभी नहीं भूलेंगे'। मंगलवार सुबह ईद के मौके पर नवाज शरीफ पूरे परिवार के साथ मस्जिद पहुंचे और नमाज अदा की।
'कश्मीरियों पर भारत की ओर से जुल्म ढहाया जा रहा'
पाक राष्ट्रपति
वहीं पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने कहा कि कश्मीरी लोग जिस तरह से भारत से आजादी की लड़ाई लड़ रहे हैं उसे कभी भुलाया नहीं जाएगा। पाक राष्ट्रपति की मानें तो कश्मीरियों के साथ इस समय घाटी में भारत की ओर से जुल्म ढहाया जा रहा है, महिलाएं-बच्चे आतंक के शिकार बन रहे हैं।
इसके अलावा जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद के भी कश्मीर को लेकर बिगड़े बोल सामने आए है। उन्होंने गद्दाफी स्टेडियम में ईद के मौके पर संदेश देते हुए कहा कि कश्मीर को लेकर भारतीय सेना के खिलाफ जो लड़ाई चल रही है वो सही दिशा में है और वो अंजाम तक पहुंचेगी।
गौरतलब है कि जुलाई में आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद से कश्मीर जल रहा है और लोगों का प्रदर्शन जारी है। केंद्र और राज्य सरकारें अथक प्रयासों के बावजूद कश्मीर के लोगों को शांत करने में सफल नहीं हो सकी हैं।
कश्मीर भारत का अंदरूनी मामला नहीं
नवाज
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पाक प्रधानमंत्री के कार्यालय से जारी बयान में कहा गया था कि कश्मीर भारत का अंदरूनी मामला नहीं है यह संयुक्त राष्ट्र की अनसुलझा मुद्दा है। यह पाक प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी है कि वह संयुक्त राष्ट्र में इस मुद्दे को उठाए कि किस तरह भारत ने कश्मीर में अपनी दमनकारी नीतियों को चला रखा है।
नवाज ने कहा कि पाकिस्तान का प्रधानमंत्री होने के नाते मेरा यह दायित्व है कि कश्मीर में जो कश्मीरियों की आवाज दबाई जा रही है उसे सामने लाया जाए। मैं इस संबंध में कोई कोर कसर नहीं छोडूंगा कि दुनिया कश्मीर के लोगों के संघर्ष और उनके दुखों को जान सके।
पाक प्रधानमंत्री ने यहां तक कहा कि कश्मीरियों को आत्म निर्णय का अधिकार न मिलना संयुक्त राष्ट्र की लगातार विफलताओं का प्रतीक है। आत्म निर्णय का अधिकार कश्मीरियों का मूलभूत अधिकार है। इसे हम दिलाकर रहेंगे।