मिरर की एक खबर के मुताबिक पाकिस्तान का धोखेबाज चेहरा एक बार फिर सामने आया है।
जहां एक ओर पकिस्तानी अफसर विजयी मुद्रा में मलाला के ऊपर हमले करने वाले दस में से आठ तालिबानियों को सजा देने और इंसाफ मिलने का दम्भ भरते दिखे थे। वही इस पूरी खबर को सिरे से नकारने वाली खबर सामने आई है।
उसके अनुसार दस मे से आठ नही बल्कि दो को ही सजा हुई है। और उस पर भी ये कि एक बंदी को जिसे पच्चीस साल की सजा हुई थी उसे सजा के एक हफ्ते के अंदर ही गुप्त रुप से रिहा कर दिया गया है।
ये तालिबानी इस पूरे हमले का मास्टरमांइड था। वहीं सूत्रों का कहना है कि ये ट्रायल पूरी तरह से विश्वसनीय नही है क्योंकि ट्रायल के दौरान एक वकील, जज, और आर्मी के अलावा वहां कोई भी अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था।