आखिर कमर बाजवा को पाक पीएम नवाज शरीफ ने सेनाध्यक्ष क्यों चुना, इसके पीछे तमाम जानकार अलग-अलग तर्क दे रहे हैं। कोई पाकिस्तान के लिए कश्मीर में बाजवा के काम को सेनाध्यक्ष के रूप में मिला इनाम बता रहा है तो कोई चरमपंथियों और आतंकियों के प्रति उनके सख्त रुख को उनके चुने जाने कारण बता रहा है। कुछ जानकार यह भी कह रहे हैं कि भारत के खिलाफ पाकिस्तान के मंसूबों को अंजाम देने की काबिलियत नवाज ने बाजवा में देखी, इसलिए उन्हें आर्मी चीफ बनाया। लेकिन पाक मीडिया बाजवा के आर्मी चीफ बनाए जाने की पीछे और ही वजह बता रही है।
पाकिस्तानी अखबार 'दुनिया न्यूज' के मुताबिक कमर बाजवा का सेनाध्यक्ष चुना जाना लगभग दो साल पहले ही तय हो गया था। पूर्व पाक क्रिकेटर और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के नेता इमरान खान जब दो साल पहले पाकिस्तान में नवाज सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन चला रहे थे, उस वक्त अदरूनी सुरक्षा की कमान कमर बाजवा के हाथों में ही थी।
दुनिया न्यूज के सीनियर पॉलिटिकल ऐनालिस्ट कामरान खान के मुताबिक इमरान की पार्टी ने दो महीने तक प्रदर्शन किए थे। इस दौरान बाजवा की देखरेख में हालात काबू में रहे। इसके पीछे कारण था कि बाजवा की लोकतंत्र में गहरी आस्था है, इसलिए उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान ऐसा कोई कदम उठाने से परहेज किया जिससे हालात बेकाबू होते।