मुंबई हमले के गुनाहगार हाफिज सईद का पाकिस्तान की सियासत में कदम रखने का रास्ता साफ हो गया है। दरअसल, इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने पाकिस्तानी चुनाव आयोग को हाफिज सईद की सियासी पार्टी मिल्ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) के पंजीकरण के लिए अनुमति देने का आदेश दिया है। गौर करने वाली बात यह है कि इससे पहले लाहौर हाईकोर्ट ने संघीय एवं पंजाब सरकार से कहा था कि वह अगले आदेश तक जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद को न तो गिरफ्तार करे और न ही नजरबंद।
इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने हाफिज की पार्टी के पंजीकरण के लिए अनुमति देने का निर्देश दिया
हाईकोर्ट के उक्त आदेश के बाद आए इस निर्देश से पाकिस्तान की सियासत में हाफिज सईद की पार्टी की एंट्री लगभग तय मानी जा रही है। बता दें कि इससे पहले चुनाव आयोग ने मिल्ली मुस्लिम लीग के एक सियासी पार्टी के तौर पर पंजीकरण करने से इनकार कर दिया था। अब इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग द्वारा सईद की पार्टी मिल्ली मुस्लिम लीग को एक सियासी दल के तौर पर रजिस्ट्रेशन के आवेदन को खारिज किए जाने के फैसले को रद्द कर दिया है।
अखबार ‘डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस आमिर फारूक ने मिल्ली मुस्लिम लीग को मौका देकर मामले को फिर से चुनाव आयोग भेजा और पार्टी के आवेदन पर आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सनद रहे कि हाफिज सईद पहले ही यह ऐलान कर चुका है कि उसका संगठन जमात-उद-दावा आगामी आम चुनावों में एमएमएल के बैनर तले सियासत में किस्मत अपनी आजमाएगा।
याचिका में मौलिक अधिकार का दिया हवाला
‘डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, याचिका में कहा गया था कि संविधान का अनुच्छेद-17 (2) हर उस नागरिक को मौलिक अधिकार देता है कि वह एक सियासी पार्टी गठित कर सकता है या उसका सदस्य बन सकता है। बशर्ते इससे पाक की एकता व अखंडता के हित में उस पर कोई प्रतिबंध न लगा हो और वह पाकिस्तान की सेवा में नहीं हो।