दिल्ली में संसद पर किए गए हमले में दोषी पाए गए अफजल गुरू को फांसी दिए जाने पर पाकिस्तान में प्रदर्शन हुए हैं।
समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक पाकिस्तान-प्रशासित कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद में प्रदर्शनकारियों ने फांसी की सजा का विरोध किया।
रिपोर्ट के अनुसार मुजफ्फराबाद में करीब 400 प्रदर्शनकारियों ने भारतीय झंडे जलाए और भारत-विरोधी नारे लगाए।
उन्होंने कहा कि भारत में जनतंत्र एक दिखावा है और वो अफजल गुरू के मिशन को जारी रखेंगे।
तीन दिन का शोक
इस रैली का आयोजन भारत-प्रशासित कश्मीर से पाकिस्तान-प्रशासित कश्मीर आए लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन पासबान-ए-हुर्रियत ने किया था।
रिपोर्टे के मुताबिक हुर्रियत प्रमुख उज़ैर अहमद गजली ने फांसी की आलोचना की और मुजफ्फराबाद स्थित संयुक्त राष्ट्र दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करने की घोषणा की। इस मौके पर पाकिस्तान-प्रशासित कश्मीर में तीन दिनों के शोक की घोषणा की गई है।
स्थानीय सरकार के सलाहकार मुर्तजा दुर्रानी ने एएफपी को बताया कि फांसी के विरोध में राज्य का झंडा आधा झुका रहेगा। उन्होंने कहा कि अफजल गुरू को क्रूर कानूनों के तहत फांसी दी गई और भारतीय अदालतें निष्पक्ष नहीं हैं।
अफजल गुरू को दिल्ली 2001 में भारतीय संसद पर हमले का दोषी पाया गया था। उन पर आरोप था कि वो प्रतिबंधित इस्लामी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक लाहौर में प्रदर्शनकारियों ने अफजल गुरू की फांसी के खिलाफ जमात-उद-दावा के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किए।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार लाहौर में कई सौ प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच भिड़ंत भी हुई और लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस गोलों का प्रयोग करना पड़ा।