बड़े नाजों से पाकिस्तान में बड़ी हुई गीता को आखिरकार भारत में उसका घर मिल गया है। छोटी सी उम्र में जब गलती से वो एक रेखा पार कर गई जिसे दो मुल्कों के लोग सरहद कहते हैं तो उसे इस बात का इल्म भी नहीं था कि वो अपने घर से बिछड़ कर कहा पहुंच गई है।
पर आज 12 साल बाद दिल्ली से गई पाकिस्तान गई एक फोन कॉल ने गीता की जिंदगी में नए रंग भर दिए हैं। भारत सरकार की तरफ से भेजे गए फोटोग्राफ को देखकर गीता ने इस बात की तस्दीक कर दी है कि तस्वीर में दिखने वाले शख्स ही उसके परिजन हैं। गीता ने पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायुक्त में इस बात की पुष्टि की है।
आपको बताते चलें कि गीता के परिवार वाले भारत के बिहार राज्य में रहते हैं। गौरतलब है कि ईद पर आई सलमान खान की फिल्म बजरंगी भाईजान के आने के बाद से ही यह पाकिस्तान में रहने वाली गीता का किस्सा खूब चर्चा में आया। ईदही फाउंडेशन के अनवर काजमी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि गीता ने अपने माता-पिता की पहचान कर ली है।