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पाक सेना प्रमुख करेंगे जाधव की जिंदगी का फैसला, सैन्य कोर्ट ने खारिज की दया याचिका

Mon, 17 Jul 2017 07:58 AM IST
amarujala.com- Presented by: मोहित
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पाकिस्तान में कथित जासूसी के आरोप में कैद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की जिंदगी का फैसला पाक सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा करेंगे। पाक सेना के सूत्रों ने रविवार को बताया कि सैन्य अदालत द्वारा जाधव को फांसी की सजा सुनाने के बाद उनकी दया याचिका पर फैसला करने के लिए सेना प्रमुख साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं। कहा गया है कि सेना प्रमुख मेरिट के आधार पर फैसला लेंगे। 
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जाधव ने पिछले महीने सेना प्रमुख बाजवा के समक्ष दया याचिका दी थी। इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशन की ओर से 22 जून को जारी बयान में कहा गया है कि जाधव ने सैन्य अदालत से याचिका खारिज होने के बाद सेना प्रमुख के समक्ष दया याचिका दी है।

पाक सेना के प्रवक्ता मेजर जेनरल आसिफ गफूर ने पत्रकारों को बताया, ‘जनरल बाजवा जाधव के खिलाफ सबूतों की जांच कर रहे हैं। वह मेरिट के आधार पर जाधव की अर्जी पर फैसला करेंगे।’
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गौरतलब है कि पाक सैन्य अदालत ने अप्रैल में कथित तौर पर जासूसी और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में जाधव को फांसी की सजा सुनाई थी, लेकिन हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने मई में भारत की अपील पर फांसी की सजा पर रोक लगा दी।

पाकिस्तान का दावा है कि उसने पिछले साल तीन मार्च को बलूचिस्तान प्रांत से जाधव को गिरफ्तार किया जबकि भारत ने कहा है कि जाधव को ईरान से अगवा किया गया जहां वह कारोबार कर रहे थे। पाकिस्तान का कहना है कि जाधव भारतीय नौसेना के अधिकारी हैं और वह पाक में कई आतंकी गतिविधियों में लिप्त थे।

इस पर भारत से साफ कहा है कि कुलभूषण जाधव भारतीय नागरिक हैं और वह नौसेना से रिटायर हो चुके हैं। पाकिस्तान की सेना की ओर से दो बार जाधव के कथित कबूलनामे का वीडियो भी जारी किया गया है।

जबकि वास्तविकता यह है कि कथित कबूलनामे वाले इस वीडियो में कई कट हैं और इसे कई कैमरों से शूट किया गया है। भारत ने कहा है कि जाधव को प्रताड़ित कर उनसे जबरन ऐसा बयान दिलवाया गया।

भारत अब तक 16 बार पाकिस्तान से जाधव तक राजनयिक पहुंच देने की मांग कर चुका है लेकिन पाकिस्तान हर बार इसे ठुकराता रहा है। इस बीच, जाधव की मां के वीजा आवेदन को भी पाकिस्तान ने मंजूरी नहीं दी है जिस पर पाकिस्तान में ही लोग सवाल खड़े करने लगे हैं। 

पाक मीडिया और वकीलों का मत
एक दिन पहले पाकिस्तान के प्रमुख अखबार ‘डॉन’ ने संपादकीय में अपनी सरकार को ही नसीहत देते हुए कहा था कि मानवता के आधार पर कुलभूषण जाधव की मां को वीजा दिया जाना चाहिए। आगे कहा कि संबंधों में तल्खी कम करने के साथ ही यह जाहिर करने का भी मौका है कि मानवता अभी बरकरार है। अखबार ने कहा, ‘मां और बेटे के बीच मुलाकात राजनयिक मंजूरी के मसले से बिल्कुल अलग है।’ इससे कुछ दिन पहले लाहौर बार एसोसि
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