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Pakistan: क्या है तोशाखाना मामला, जिसमें दोषी करार दिए गए इमरान खान; जानें क्या है इस घोटाले की पूरी कहानी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Sat, 05 Aug 2023 02:21 PM IST

सार

Imran Khan Arrest: तोशाखाना केस में इमरान खान को तीन साल की सजा सुनाई गई है। इमरान पर आरोप लगाए गए थे कि विदेश में उन्हें जो गिफ्ट मिले, उसका विवरण तोशाखाना को नहीं सौंपा गया था। उन्हें बेचकर पैसे कमाए गए हैं। पाकिस्तान के स्पीकर ने इस मामले में जांच करवाई थी।  
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तोशाखाना मामला - फोटो : AMAR UJALA
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। तोशाखाना केस में इमरान खान को जिला-सत्र न्यायालय ने दोषी ठहराया है। उन्हें इस मामले में तीन साल की सजा सुनाई गई है। इस्लामाबाद पुलिस ने  सजा होने के साथ ही इमरान को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, उनकी पार्टी पीटीआई ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की बात कही है। सवाल है कि आखिर ये तोशखाना मामला क्या है? अब तक इस मामले में क्या-क्या हुआ? इमरान आगे क्या करेंगे? आइए जानते हैं...
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तोशाखाना मामला - फोटो : AMAR UJALA
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। तोशाखाना केस में इमरान खान को जिला-सत्र न्यायालय ने दोषी ठहराया है। उन्हें इस मामले में तीन साल की सजा सुनाई गई है। इस्लामाबाद पुलिस ने  सजा होने के साथ ही इमरान को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, उनकी पार्टी पीटीआई ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की बात कही है। सवाल है कि आखिर ये तोशखाना मामला क्या है? अब तक इस मामले में क्या-क्या हुआ? इमरान आगे क्या करेंगे? आइए जानते हैं...

तोशाखाना में उपहार - फोटो : सोशल मीडिया
पहले जानिए क्या है तोशाखाना मामला? 
दरअसल, पाकिस्तान के कानून के अनुसार किसी विदेशी राज्य के गणमान्य व्यक्तियों से प्राप्त कोई भी उपहार स्टेट डिपॉजिटरी यानी तोशाखाना में रखना होता है। अगर राज्य का मुखिया उपहार को अपने पास रखना चाहता है तो उसके लिए उसे इसके मूल्य के बराबर राशि का भुगतान करना होगा। यह एक नीलामी की प्रक्रिया के जरिए तय किया जाता है। ये उपहार या तो तोशाखाना में जमा रहते हैं या नीलाम किए जा सकते हैं और इसके माध्यम से अर्जित धन को राष्ट्रीय खजाने में जमा किया जाता है। 

कहानी इमरान के प्रधानमंत्री रहते हुए शुरू हुई थी। 2018 में सत्ता में आए इमरान खान को आधिकारिक यात्राओं के दौरान करीब 14 करोड़ रुपये के 58 उपहार मिले थे। इन महंगे उपहारों को तोशाखाना में जमा किया गया था। बाद में इमरान खान ने इन्हें तोशखाने से सस्ते दाम पर खरीद लिया और फिर महंगे दाम पर बाजार में बेच दिया। इस पूरी प्रक्रिया के लिए उन्होंने सरकारी कानून में बदलाव भी किए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इमरान ने 2.15 करोड़ रुपये में इन गिफ्ट्स को तोशखाने से खरीदा था और इन्हें बेचकर 5.8 करोड़ रुपये का मुनाफा कमा लिया। इन गिफ्टस में एक ग्राफ घड़ी, कफलिंक का एक जोड़ा, एक महंगा पेन, एक अंगूठी और चार रोलेक्स घड़ियां भी थीं। 

Imran Khan - फोटो : Social Media
कैसे हुआ खुलासा? 
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अगस्त में इमरान खान को सत्ता से हटाए जाने के कुछ महीनों बाद, सत्तारूढ़ गठबंधन के कुछ सांसदों ने नेशनल असेंबली के अध्यक्ष राजा परवेज अशरफ ने सामने एक आरोप पत्र दायर किया था। इमरान खान पर आरोप लगाए गए थे कि जो गिफ्ट उन्हें मिले, उसका विवरण तोशाखाना को नहीं सौंपा गया था। उन्हें बेचकर पैसे कमाए गए हैं। पाकिस्तान के स्पीकर ने इस मामले में जांच करवाई। आठ सितंबर को इमरान खान को नोटिस मिला था। उन्होंने इस नोटिस का जवाब दिया था और कहा था कि प्रधानमंत्री रहते हुए मिले चार उपहारों को उन्होंने बेच दिया था। इन उपहारों में ग्रेफ, रोलेक्स घड़ी, कफ़लिंक की एक जोड़ी, एक महंगी कलम, कई धातुओं की चीजें और एक अंगूठी शामिल थी। 

इमरान खान। - फोटो : सोशल मीडिया
फिर सदस्यता भी चली गई
आरोप साबित होने पर पिछले साल इमरान खान की संसद सदस्यता भी चली गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इमरान खान ने जानबूझकर चुनाव अधिनियम, 2017 के प्रावधानों का उल्लंघन किया था और गलत बयान दिया था। साल 2020-21 के लिए उन्होंने अपनी संपत्तियों के बारे में भी गलत जानकारी दी थी। 

इमरान खान को चुनाव अधिनियम की धाराओं के साथ, संविधान के अनुच्छेद 63 (1) (पी) के तहत अयोग्य घोषित कर दिया गया था। पाकिस्तानी संविधान के अनुच्छेद 63 (1) (पी) में कहा गया है कि एक व्यक्ति कुछ समय के लिए, किसी भी कानून के तहत मजलिस-ए-शूरा या प्रांतीय विधानसभा के सदस्य के रूप में चुने जाने या चुने जाने के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है। 

Imran Khan - फोटो : Amar Ujala
 इमरान का क्या रुख है?
रिपोर्ट्स के अनुसार, तोशाखाना मामला सामने आने के बाद इमरान खान ने इसपर बयान भी दिया था। उन्होंने कहा था कि ये गिफ्ट्स उन्हें निजी तौर पर मिले हैं। इसलिए उन्हें इसे अपने पास रखने का अधिकार है। हालांकि, बाद में उन्होंने तोशाखाना मामले के सारे आरोपों को बेबुनियाद बताया था। 
 

पाकिस्तान का सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
आगे क्या होगा?
सजा होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके साथ ही इमरान पर पांच साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लग गई है। वहीं, उनकी पार्टी पीटीआई ने घोषणा की है कि पार्टी जिला अदालत के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देगी। पार्टी ने एक बयान में कोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था पर एक और काला धब्बा लगा है। 
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