एक तरफ पाक पीएम भारत-मलयेशिया रिश्तों में आई तल्खी का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे थे और दूसरी तरफ महातिर मोहम्मद भारत की ताकत को देखते हुए भारत के प्रति उदारता दिखाते रहे। उन्होंने कहा कि भारत के साथ मलयेशिया का विवाद जल्द खत्म हो जाएगा।
महातिर ने कहा, भारत ने पाम तेल के आयात में भले ही कटौती की है लेकिन इस विवाद को आने वाले दिनों में दोनों देश मैत्रीपूर्ण ढंग से सुलझा लेंगे। इमरान के सामने ही उन्होंने कहा कि भारत का यह कदम अस्थायी है और इसे सुलझाकर हम लाभकारी नतीजों की ओर बढ़ेंगे।
मालूम हो कि मलयेशिया दुनिया में पाम ऑइल का दूसरा बड़ा उत्पादक देश है। 2019 में पाकिस्तान ने मलयेशिया से 10.1 लाख टन पाम तेल खरीदा था, जबकि भारत ने 40.4 लाख टन आयात किया था। ऐसे में भारत जैसे बड़े बाजार का पाम ऑइल खरीदने से मना करना मलयेशिया के बाजार के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।