पाकिस्तान के संसदीय पैनल ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में चुनावों के लिए धन की मांग करने वाले एक विधेयक को खारिज कर दिया। शीर्ष अदालत ने चार अप्रैल को संघीय सरकार को पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) को सोमवार तक 21 अरब रुपये मुहैया कराने का आदेश दिया था ताकि वह पंजाब और खैबर-पख्तूनख्वा प्रांतों में चुनाव करा सके।
इसके बजाय, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने चुनाव कराने के लिए ईसीपी को आवश्यक धनराशि जारी करने को अधिकृत करने के लिए सोमवार को संसद में "आम चुनाव के लिए शुल्क (पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा की प्रांतीय विधानसभाएं) विधेयक 2023" नामक एक विधेयक पेश किया। इस बिल को नेशनल असेंबली स्पीकर द्वारा चर्चा के लिए वित्त और राजस्व के लिए सदन की स्थायी समिति को भेजा गया, जिसे गुरुवार को खारिज कर दिया गया।
डॉन अखबार की खबर के मुताबिक, समिति की बैठक के बाद पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के पैनल अध्यक्ष कैसर अहमद शेख ने विधेयक को खारिज करने की घोषणा की। रिपोर्ट में अहमद शेख के हवाले से कहा गया है कि यह विधेयक हमारे बजट में आवंटित नहीं किया गया था और वित्त मंत्री ने कहा है कि धन उपलब्ध नहीं है, कोई अन्य विकल्प नहीं था इसलिए हमने इसे खारिज कर दिया। बता दें कि पंजाब में 14 मई को चुनाव होने हैं, लेकिन खैबर पख्तूनख्वा के लिए चुनाव की तारीख अभी तय नहीं हुई है।