पाकिस्तान में प्रदर्शन उग्र होने के साथ गृह युद्ध की आशंका बढ़ती जा रही है। शनिवार को लाहौर, रावलपिंडी, इस्लामाबाद, फैजाबाद, फैसलाबाद, सहित दर्जनों शहरों में प्रदर्शन हुए। इमरान समर्थकों ने जहां जमकर तोड़फोड़, आगजनी और पत्थरबाजी की, वहीं पुलिस ने बेहिसाब डंडे और आंसू गैस के गोले बरसाए। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और खुफिया एजेंसी के प्रमुख पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाने वाले इमरान को सेना और सरकार ने झूठा करार दिया।
इमरान के समर्थक देशभर में पीएम शहबाज शरीफ, गृह मंत्री राना सनाउल्लाह और मेजर जनरल फैजल के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं। शनिवार को प्रदर्शनों में करीब 30 लोग घायल हो गए। इस्लामाबाद पुलिस ने पीटीआई के कई वरिष्ठ नेताओं सहित 23 लोगों के खिलाफ आतंकवाद सहित कई आरापों में केस दर्ज किया है।
सेना ने इमरान के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए सरकार से उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा है। वहीं, पीएम शहबाज शरीफ ने मुख्य न्यायाधीश उमर अता बंदियाल से कहा, इमरान के आरोपों की न्यायिक आयोग से जांच कराई जाए। मेरे खिलाफ सबूत मिले तो हमेशा के लिए राजनीति छोड़ दूंगा।
एफआईआर दर्ज नहीं होने पर भड़के समर्थक
पीटीआई के उपाध्यक्ष शाह महमूद कुरैशी ने लाहौर में प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए कहा कि पार्टी ने इमरान खान पर हुए हमले के मामले में पीएम, गृह मंत्री और सेना के अधिकारी पर एफआईआर दर्ज करने की शिकायत दी थी, लेकिन दो दिन बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जाहिर है अधिकारियों के हाथ बांध दिए गए हैं। छोटा बच्चा भी यह समझ सकता है कि शिकायत पर अगर कार्रवाई नहीं हो रही है, तो दबाव कितना भारी होगा।
इमरान सत्ता के भूखे, फैलाना चाहते हैं अराजकता : जरदारी
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति और मौजूदा सत्ताधारी गठबंधन के हिस्सा पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के नेता आसिफ अली जरदारी ने कहा, सत्ता के भूखे इमरान खान देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के खिलाफ जहर उगलकर अराजकता फैलाना चाहते हैं। इस तरह की देश विरोधी हरकतों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
देश के संस्थानों से खत्म हो रहा भरोसा : फवाद चौधरी
पीटीआई के नेता फवाद चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान की सरकार इमरान और पीटीआई के खिलाफ जिस तरह के हथकंडे इस्तेमाल कर इन्हें खत्म करने की साजिशें रच रही है, उनसे देश के तमाम संस्थानों से लोगों का भरोसा खत्म हो रहा है। चौधरी ने कहा, सरकार को लग रहा है कि सड़कों पर पीटीआई के लोग हैं, लेकिन उन्हें नहीं भूलना चाहिए कि ये पाकिस्तान के लोग हैं, जिन्होंने कभी उनको भी वोट दिया होगा।