मरियम करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब में आयोजित एक सभा को संबोधित कर रही थीं। बृहस्पतिवार को सिख तीर्थयात्री गुरु नानक देव जी की समाधि पर अनुष्ठान करने के लिए करतारपुर साहिब पहुंचे थे। उन्होंने सिख तीर्थयात्रियों के एक समूह से मुलाकात भी की।
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने बृहस्पतिवार को अपने पिता और तीन बार पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के हवाले से कहा कि हमें अपने पड़ोसियों से नहीं लड़ना चाहिए। हमें उनके लिए अपना दिल खोलने की जरूरत है।
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मरियम करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब में आयोजित एक सभा को संबोधित कर रही थीं। बृहस्पतिवार को सिख तीर्थयात्री गुरु नानक देव जी की समाधि पर अनुष्ठान करने के लिए करतारपुर साहिब पहुंचे थे। उन्होंने सिख तीर्थयात्रियों के एक समूह से मुलाकात भी की। इनमें ज्यादातर भारत से थे। बैसाखी उत्सव में शामिल होने के लिए भारत से लगभग 2,400 सिख वर्तमान में पाकिस्तान के दौरे पर हैं। मरियम ने कहा कि यह पहली बार है कि पाकिस्तान में बैसाखी का त्योहार सरकारी स्तर पर मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, यह मेरा पंजाब है और हम होली, ईस्टर और बैसाखी जैसे सभी अल्पसंख्यक त्योहार एक साथ मनाते हैं।
हम भारतीय पंजाब के लोगों की तरह पंजाबी बोलना चाहते हैं
उन्होंने कहा, हम यहां भारतीय पंजाब के लोगों की तरह पंजाबी बोलना चाहते हैं। मेरे दादा, मियां शरीफ अमृतसर के जाति उमरा से हैं। जब एक भारतीय पंजाबी जाति उमरा की मिट्टी लेकर आए, तो मैंने इसे उनकी कब्र पर रख दिया। मरियम ने कहा कि उन्होंने रमेश सिंह अरोड़ा को अपनी सरकार में पहला सिख मंत्री बनाया है। गौरतलब है कि 50 साल की मरियम को नवाज शरीफ का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता है। वह फरवरी में पाकिस्तान की पहली महिला मुख्यमंत्री चुनी गईं थीं।