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Pakistan: पीटीआई पर प्रतिबंध लगा, तो मच सकती है बड़ी उथल-पुथल

Thu, 04 Aug 2022 05:53 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

Pakistan: मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार ने पीटीआई के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की संभावना पर विचार शुरू कर दिया है। शरीफ मंत्रिमंडल इस सिलसिले में तीन विकल्पों पर विचार कर रहा है...
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Pakistan: इमरान खान - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) को अवैध चंदा लेने का दोषी ठहराए जाने के बाद सत्ताधारी गठबंधन ने उसे चुनावी मैदान से बाहर करने की कोशिश शुरू कर दी है। पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को इस मामले में फैसला दिया था। आयोग इस नतीजे पर पहुंचा कि पीटीआई ने 34 विदेशी नागरिकों से चंदा हासिल किया। साथ ही उसने 351 ऐसी कंपनियों से चंदा लिया, जो देश के बाहर कारोबार कर रही हैं। 2014 से लंबित इस मामले में निर्वाचन आयोग का फैसला आने के बाद पाकिस्तान की सियासत नए सिरे से गरमा गई है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार ने पीटीआई के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की संभावना पर विचार शुरू कर दिया है। शरीफ मंत्रिमंडल इस सिलसिले में तीन विकल्पों पर विचार कर रहा है। उधर निर्वाचन आयोग ने भी पीटीआई को इस मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

 

पाकिस्तान के अखबार एक्सप्रेस न्यूज ने एक रिपोर्ट बताया है कि अब शरीफ सरकार इस मामले को संविधान के अनुच्छेद 17 (3) के तहत सुप्रीम कोर्ट को भेज सकती है। अखबार ने ये बात कानून मंत्री आज़म नज़ीर तरार के हवाले से बताई है। तरार ने अखबार को बताया कि सरकार के पास एक दूसरा विकल्प पीटीआई को विदेशी सहायता प्राप्त राजनीतिक पार्टी घोषित करने का है। ऐसा किया गया, तो सरकार को पीटीआई के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का अधिकार मिल जाएगा। तरार ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देकर ‘गलत हलफ़नामा’ पेश करने के लिए इमरान खान के खिलाफ कार्रवाई की गुजारिश भी कर सकती है।

 

शरीफ सरकार की मंशा का संकेत ऊर्जा मंत्री खुर्रम दास्तगीर ने भी दिया है। उन्होंने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट में प्रतिबंधित चंदा मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट की पूर्ण पीठ बनाने की याचिका देने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा- ‘हम सुप्रीम कोर्ट से पूर्ण पीठ बनाने की गुजारिश करेंगे। इस मामले में इंसाफ में आठ साल की देर हो चुकी है, इसलिए हम अब इस पर जल्द निर्णय की गुहार लगाएंगे।’

 

लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक जिस तेजी से निर्वाचन आयोग ने अब फैसला दिया और उसके बाद पीटीआई को चुनाव लड़ने से रोकने का जैसा इरादा सत्ताधारी नेता जता रहे हैं, उससे जनता में सत्ताधारी गठबंधन- पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया हो सकती है। पिछले मार्च में सत्ता से हटाए जाने के बाद से इमरान खान की लोकप्रियता में लगातार बढ़ोतरी हुई है।

 

पिछले महीने पंजाब में प्रांतीय असेंबली की 20 सीटों के लिए उप चुनाव में पीटीआई ने 15 सीटें जीत लीं। इससे उसे मिल रहे जन समर्थन की पुष्टि हुई। इसलिए सरकार की ताजा कोशिशों को जनता के एक बड़े हिस्से में पीटीआई को आम चुनाव में भाग लेने से रोकने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है।

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इमरान खान पहले से ही पीडीएम को विदेशी साजिश के तहत सत्ता में लाए गए भ्रष्ट लोगों की जमात बताते रहे हैं। पीटीआई ने यह भी कहा है कि उसकी बढ़ती लोकप्रियता से घबरा कर अब शरीफ सरकार उसे चुनावी मैदान से बाहर करने के लिए संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है।

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