पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार ने एक संवाददाता सम्मेलन में बाजार की अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि इस्लामाबाद अपने बांड के लिए परिपक्वता नहीं बढ़ा रहा है। उन्होंने आवश्यक वित्तपोषण को सुरक्षित करने की अपनी क्षमता के बारे में बाहरी जोखिमों और चिंताओं का हवाला देते हुए कहा कि अगले कुछ वर्षों में पाकिस्तान सभी बहुपक्षीय, अंतरराष्ट्रीय और बांड दायित्वों को पूरा करेगा।
पाकिस्तान ने रविवार को कहा कि वह पेरिस क्लब के कर्जदार देशों से कर्ज पुनर्गठन की मांग नहीं करेगा। पाकिस्तान ने यह बात ऐसे समय में कही है जब देश में नकदी की कमी है और आशंका जताई जा रही थी कि विदेशी कर्ज को लेकर डिफॉल्टर घोषित हो सकता है। गौरतलब है कि पाकिस्तान आर्थिक उथल-पुथल और भुगतान संतुलन के संकट से जूझ रहा है।
विज्ञापन
वित्त मंत्री इशाक डार ने एक संवाददाता सम्मेलन में बाजार की अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि इस्लामाबाद अपने बांड के लिए परिपक्वता नहीं बढ़ा रहा है। उन्होंने आवश्यक वित्तपोषण को सुरक्षित करने की अपनी क्षमता के बारे में बाहरी जोखिमों और चिंताओं का हवाला देते हुए कहा कि अगले कुछ वर्षों में पाकिस्तान सभी बहुपक्षीय, अंतरराष्ट्रीय और बांड दायित्वों को पूरा करेगा। रेटिंग एजेंसी मूडीज ने पिछले हफ्ते पाकिस्तान की क्रेडिट रेटिंग को बी3 से घटाकर सीएए1 कर दिया था।
डार ने कहा कि रेटिंग एजेंसी के इस कदम के पीछे मुख्य वजह यह चिंता थी कि पाकिस्तान धनी कर्जदार देशों के समूह पेरिस क्लब पर बकाया 10 बिलियन अमेरिकी डालर (करीब 22.10 खरब पाकिस्तानी रुपया) के ऋण के पुनर्निर्धारण की मांग कर रहा था। उन्होंने कहा कि हमने बहुत सोच समझ कर निर्णय लिया है कि हम पेरिस क्लब से संपर्क नहीं करेंगे। हम अपने मामलों का प्रबंधन करेंगे और समय पर बहुपक्षीय ऋणदाताओं की देनदारियों का भुगतान करेंगे।
विज्ञापन
डार ने यह भी आश्वासन दिया कि पाकिस्तान दिसंबर में परिपक्व होने वाले बांडों का भुगतान करेगा। उन्होंने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय बांडों के भुगतान को स्थगित करने जा रहा है।
पाकिस्तान के अमेरिकी डॉलर मूल्यवर्ग के वैश्विक बॉन्ड यूरोबॉन्ड और सुकुक की कीमत में पिछले महीने गिरावट आई है जबकि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा बाढ़ प्रभावित अर्थव्यवस्था से निपटने के लिए अमीर देशों से ऋण राहत की अपील के बाद उनके प्रयासों को मजबूती मिली है। डार ने पहले कहा था कि देश 2022-23 वित्तीय वर्ष के लिए बाहरी वित्तपोषण में लगभग 35 बिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाने की आवश्यकता को पूरा करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि देश अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ किसी भी तरह की बातचीत की योजना नहीं बना रहा है और वैश्विक साहूकार के साथ अपने दायित्वों को पूरा करेगा। बता दें कि पाकिस्तान की पहले से ही संघर्षरत अर्थव्यवस्था के विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित होने के बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पिछले महीने पेरिस क्लब से ऋण स्थगन के लिए अपील की थी। सरकार का अनुमान है कि इससे 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक का आर्थिक नुकसान होगा। पाकिस्तान में भारी मानसूनी बारिश के कारण हाल ही में आई बाढ़ से लगभग 3.3 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं और 79 लाख लोग विस्थापित हुए हैं।