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पाकिस्तान की सियासत: मुल्क में आम चुनाव से पहले चुनाव आयोग का एप विवादों में, सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ की आशंका

Tue, 06 Feb 2024 04:41 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

Pakistan: पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने चुनाव परिणामों को तेजी से प्रसारित करने के लिए एक एप तैयार की है। इसको लेकर अधिकारियों ने आशंका जताई है कि एप के सॉफ्टवेयर में हेरफेर कर चुनाव परिणाम प्रभावित किए जा सकते हैं। 
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पाकिस्तान चुनाव आयोग। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पाकिस्तान में दो दिन बाद आम चुनाव के लिए मतदान होने हैं। उससे पहले चुनाव आयोग (ईसीपी) का नया एप सवालों के घेरे में आ गया है। दरअसल, अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इस ऐप के सॉफ्टवेयर में हेरफेर से चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। ईसीपी ने चुनाव परिणामों को तेजी से प्रसारित करने और सारणीबद्ध करने के लिए एप को तैयार किया है।

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ईसीपी ने परिणामों के प्रसारण के लिए चुनाव प्रबंधन प्रणाली (ईएमएस) एप तैयार किया है। जिसमें सभी परिणामों का सारणीकरण उन निर्वाचन कार्यालयों के द्वारा पूरा किया जाएगा, जो प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के परिणाम तैयार करने और जारी करने के लिए प्रभारी होंगे। ईसीपी ने दावा किया कि ईएमएस एप का देशव्यापी ट्रायल रन सफल रहा है और यह इस्तेमाल के लिए पूरी तरह से तैयार है। हालांकि, सिंध प्रात के दो चुनाव अधिकारियों ने पिछले हफ्ते दूसरे ट्रायल के बाद इसमें खामियां बताईं हैं। 

कम्बर की नेशनल असेंबली सीट एनए-197 (कम्बर-शाहददकोट-2) के लिए सहायक आयुक्त (एसी) अब्दुल कादिर मशोरी और निर्वाचन अधिकारी (आरओ) को नियुक्त किया गया है। जबकि, सिंध विधानसभा की पीएस-12 सीट (लरकाना-तृतीय) के लिए उस्मान खासखेली को सहायक आयुक्त और निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन दोनों अधिकारियों ने अपने वरिष्ठों को पत्र लिखा है, जिसमें ईएमएस एप में खामियों पर चिंता जताई गई है।

'डॉन' अखबार की खबर के मुताबिक, मशोरी ने तीन फरवरी को कम्बर-शाहददको जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजा था। इसमें उन्होंने एप में खामियों की ओर इशारा किया था। बाद में इन खामियों को ठीक कर लिया गया। इसके बाद एख अन्य पत्र में भी उन्होंने एप में खामियों का जिक्र किया।

मशोरी ने अपने पत्र में कहा है कि मतदान अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियों के बारे में डाटा ईएमएस पर अपलोड किया गया। जो बाद में 'गायब' हो गया। एप की इस कमजोरी से कई खामियां सामने आती हैं। सॉफ्टवेयर की विश्वसनीयता और वैधता पर भी सवाल उठते हैं। अधिकारी ने इस ओर इशारा किया कि यह एप या तो पूरी तरह से विफल रही है या इसे किसी के हाथ से नियंत्रित किया जा रहा है। 
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खबर में सूत्रों के हवाले से पुष्टि की गई कि खासखेली ने लरकाना जिला निर्वाचन अधिकारी (डीआरओ) को भी ऐसा ही पत्र लिखा था। ईसीपी ने सभी चार प्रांतीय आयुक्तों को 26 जनवरी को पत्र भेजा था और उन्हें ईएमएस एप का डेमो अभ्यास करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे। पाकिसतान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के चुनव प्रकोष्ठ के प्रभारी ताज हैदर ने भी 29 जनवरी को ईसीपी को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने ईएमएस एप को लेकर चिंता जताई। 
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