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Pakistan: 'तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में 30 नवंबर तक दर्ज करें नवाज शरीफ का बयान', अदालत का NAB को आदेश

Mon, 20 Nov 2023 03:53 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

Pakistan: जवाबदेही अदालत ने 2020 में तोशाखाना वाहन मामले में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अपराधी घोषित किया था। इसी मामले में पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, पूर्व प्रधानमंत्री युसुफ रजा गिलानी भी आरोपी हैं। 
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पाकिस्तान की एक जवाबदेही अदालत ने सोमवार को भ्रष्टाचार निरोधक इकाई को आदेश दिया कि वह तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में 30 नवंबर तक पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का बयान दर्ज करे।

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इस्लामाबाद में जवाबदेही अदालत के न्यायाधीश मुहम्मद बशीर ने तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) सुप्रीमो के खिलाफ सुनवाई की। चार साल के आत्म-निर्वासन के बाद नवाज शरीफ की लंदन से 21 अक्तूबर को वतन वापसी हुई है। 

उनके वकील काजी मिस्बाह ने अदालत से अनुरोध किया था कि वह मामले में तीन बार प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ के बयान दर्ज करने के लिए राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) को निर्देश जारी करे, ताकि वह भी अपना पक्ष सामने रख सकें। 

'डॉन' अखबार की खबर में उनके हवाले से कहा गया, नवाज शरीफ की गैरमौजूदगी में एक पूरक संदर्भ दाखिल करने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा, हम चाहते हैं कि एनएबी नवाज के बयान को भी दर्ज करे। 

एनएबी के अभियोजक ने याचिका का अध्ययन करने के लिए समय मांगा। बहरहाल, न्यायाधीश बशीर ने जवाबदेही ब्यूरो को आदेश दिया है कि वह तीस नवंबर तक शरीफ का बयान दर्ज करे। इसके बाद उन्होंने सुनवाई स्थगित कर दी। खबर के मुताबिक, न्यायाधीश बशीर ने कहा, समस्या क्या है? नवाज शरीफ को बुलाइए और उनका बयान दर्ज कीजिए। 

जवाबदेही अदालत ने 2020 में तोशाखाना वाहन मामले में शरीफ को अपराधी घोषित किया था। इसी मामले में पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, पूर्व प्रधानमंत्री युसुफ रजा गिलानी भी आरोपी हैं। मामले में एनएबी ने शरीफ और जरदारी पर विभिन्न देशों और गणमान्य व्यक्तियों द्वारा उपहार में दिए गए महंगे वाहनों को तोशाखाना में जमा करने के बजाय अवैध रूप से अपने पास रखने का आरोप लगाया था।
 

देश की शीर्ष भ्रष्टाचार निरोधक संस्था के मुताबिक गिलानी ने प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान जरदारी को वाहन अपने पास रखने में मदद की। पिछले महीने जवाबदेही अदालत ने नवाज शरीफ को जमानत दे दी थी और पूर्व प्रधानमंत्री के अदालत के सामने आत्मसमर्पण करने के बाद गिरफ्तारी वारंट को भी रद्द कर दिया था। अदालत ने 10 लाख रुपये के मुचलके पर उनकी जमानत की पुष्टि की।
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इस महीने की शुरुआत में अदालत ने अधिकारियों को तोशाखाना मामले की सुनवाई के दौरान 2020 में शरीफ से जब्त की गई सभी संपत्तियों को जारी करने का आदेश दिया था। पूर्व प्रधानमंत्री आठ फरवरी को होने वाले आम चुनाव के दौरान पीएमएल-एन का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस महीने की शुरुआत में उन्होंने अपनी पार्टी के नेताओं को आम चुनावों के लिए तैयारी शुरू करने का निर्देश दिया था।
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