भारत ने गुरुवार को कहा कि सीमा पार नदियों के प्रबंधन के लिए 62 साल पुरानी सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) की समीक्षा और संशोधन की मांग को लेकर दो महीने पहले भेजे गए उसके नोटिस पर उसे पाकिस्तान का जवाब मिल गया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने तीन अप्रैल को उस पत्र को अपने भारतीय समकक्ष को भेज दिया जो पाकिस्तान के सिंधु जल आयुक्त ने लिखा था। उन्होंने मीडिया ब्रीफिंग में कहा, हम पत्र की जांच कर रहे हैं। हम अपने हितधारकों के साथ परामर्श करेंगे।
विवादों से निपटने में इस्लामाबाद के अड़ियल रवैये के बाद 25 जनवरी को भारत ने पाकिस्तान को नोटिस जारी कर सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) की समीक्षा और संशोधन की मांग की थी। पाकिस्तानी मीडिया ने अज्ञात अधिकारियों के हवाले से खबर दी थी कि पाकिस्तान ने पत्र में कहा है कि वह संधि के बारे में नई दिल्ली की चिंताओं को सुनने के लिए तैयार है।
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अधिकारियों ने कहा कि संधि में बदलाव पर बातचीत के बारे में निर्णय पीसीआईडब्ल्यू (सिंधु जल के स्थायी आयोग) स्तर पर भारत की चिंताओं को सुनने के बाद लिया जाएगा। किशनगंगा और रतले जल विद्युत परियोजनाओं पर मतभेदों को हल करने के लिए विश्व बैंक द्वारा एक तटस्थ एक्सपर्ट और आर्बिट्रेशन कोर्ट के अध्यक्ष को नियुक्त करने की घोषणा के लगभग महीनों बाद भारत ने संधि में संशोधन करने के अपने इरादे से पाकिस्तान को नोटिस भेजने का महत्वपूर्ण कदम उठाया था।