बढ़ती राजनीतिक चुनौतियों के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की बौखलाहट बढ़ती जा रही है। इसका संकेत उनके सार्वजनिक बयानों से मिलने लगा है। एक ताजा बयान में उन्होंने नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता शाहबाज शरीफ को ‘अपराधी’ कह दिया। अन्य विपक्षी दलों के लिए भी उन्होंने बेहद आक्रामक भाषा बोली। इमरान खान ने उन दलों को निशाना बनाते हुए कहा- ‘मैं उनको चेतावनी देना चाहता हूं। अगर मुझे सरकार से हटाया गया, तो मैं उनके लिए ज्यादा खतरनाक रूप में सामने आउंगा।’
इमरान खान रविवार को फोन पर आम लोगों के सवालों का जवाब देने के कार्यक्रम में शामिल हुए। ‘आपका वजीर-ए-आजम, आपके साथ’ नाम के इस कार्यक्रम के दौरान एक शख्स ने पूछा कि प्रधानमंत्री विपक्ष के नेता शाहबाज शरीफ से क्यों नहीं मिलते हैं। इस खान ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का पूरा परिवार भ्रष्टाचार में शामिल है। ऐसे में नवाज शरीफ के भाई शाहबाज शरीफ से अगर वे हाथ मिलाएंगे, तो उसका मतलब भ्रष्टाचार को स्वीकृति देना होगा। खान ने कहा कि शाहबाज शरीफ पर भी अरबों रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप है।
इमरान खान की इस टिप्पणी से देश में सियासी माहौल और कड़वा हो गया है। विपक्षी दलों और कई स्वतंत्र टीकाकारों ने भी खान के तेवर और जिन शब्दों का उन्होंने इस्तेमाल किया, उस पर कड़ा विरोध जताया है। थिंक टैंक पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ लेजिस्लेटिव डेवलपमेंट एंड ट्रांसपैरंसी के अध्यक्ष अहमद बिलाल महबूब ने अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून से कहा- ‘यह अधिकार किसी को नहीं है कि वह मनमाने ढंग से किसी को अपराधी बता दे। यह तय करने का हक सिर्फ अदालत को है।’ अहमद ने कहा कि ऐसी बातें करना प्रधानमंत्री पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देता।
पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के नेता और पूर्व विदेश मंत्री खुर्रम दास्तगीर ने कहा है कि अपनी नाकामियां छिपाने के लिए प्रधानमंत्री अब विपक्षी नेताओं पर बरस रहे हैँ। उन्होंने कहा- ‘बौद्धिक रूप से दिवालिया प्रधानमंत्री की हताशा और घबराहट अब खुल कर सामने आ रही है।’ पीपीपी की सूचना सचिव शाजिया मारी ने इमरान खान के इस बयान को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा- उनका तेवर और शब्द प्रधानमंत्री पद की गरिमा को गिराने वाले हैं।