पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता फवाद चौधरी ने पाक में साइबर सुरक्षा की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि, पाकिस्तान के पीएम हाउस के डेटा को डार्क वेब पर बिक्री के लिए रखा गया है।
मीडिया से बात करते हुए, चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) सुरक्षित नहीं और लीक हुए ऑडियो को 350,000 अमरीकी डॉलर की कीमत पर डार्क वेब पर नीलामी के लिए रखा गया। फवाद ने कहा कि ऑडियो लीक से पुष्टि हुई कि लंदन में फैसले किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पीएमओ का ऑडियो लीक होना भी सुरक्षा एजेंसियों की नाकामी है। लीक हुए ऑडियो विवाद में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन की उपाध्यक्ष मरियम, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ, कानून मंत्री आजम तरार, गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह और एनए के पूर्व अध्यक्ष अयाज सादिक और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बीच बातचीत सुनी गई।
अपने ट्विटर हैंडल पर पीटीआई नेता फवाद ने लिखा, यह हमारी खुफिया एजेंसियों, विशेष रूप से इंटेलिजेंस ब्यूरो की एक बड़ी विफलता है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, उन्होंने कहा, राजनीतिक मामलों के अलावा, सुरक्षा और विदेशी मामलों पर महत्वपूर्ण चर्चा उनके हाथ में है। पीएम कार्यालय की सुरक्षा पर खैबर पख्तूनख्वा के वित्त मंत्री तैमूर खान झगरा ने भी सवाल उठाए और कहा, लीक हुई ऑडियो क्लिप ने खतरे की घंटी बजा दी है और पीएम हाउस की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पहली क्लिप में पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष मरियम और पीएम शहबाज के बीच देश के वित्त मंत्री मिफ्ता इस्माइल के बारे में कथित तौर पर बातचीत को दिखाया गया है, जिन्हें कथित तौर पर कड़े आर्थिक कदम उठाने के लिए पार्टी के भीतर से आलोचना का सामना करना पड़ा।
पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष मरियम ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि वह पेट्रोल और बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी के फैसले से सहमत नहीं हैं, उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले उनके पास नहीं हैं, चाहे उनकी पार्टी सरकार में हो या नहीं।