फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाकिस्तान: अविश्वास प्रस्ताव के चलते सियासी अस्थिरता से ओआईसी सम्मेलन की चमक गायब

Tue, 22 Mar 2022 07:06 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

ओआईसी के यहां चल रहे सम्मेलन में अफगानिस्तान की हालत भी चर्चा का एक प्रमुख मुद्दा है। इस सम्मेलन की थीम (विषयवस्तु) ‘एकता, न्याय और विकास’ घोषित किया गया है। कहा गया है कि इसमें उन तमाम मसलों पर विचार होगा, जिनसे ‘मुस्लिम जगत’ जूझ रहा है। इस सम्मेलन की एक खास बात यह है कि इसे संबोधित करने के लिए चीन के विदेश मंत्री वांग यी को आमंत्रित किया गया है...
विज्ञापन
ओआईसी बैठक में इमरान खान - फोटो : Agency (File Photo)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यह पहला मौका है, जब तीन महीनों के ही अंतराल पर ही किसी एक देश में ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ऑपरेशन (ओआईसी) के विदेश मंत्रियों का सम्मेलन हो रहा है। ओआईसी में 57 देश शामिल हैं। इसके विदेश मंत्रियों की मंगलवार को इस्लामाबाद में शुरू हुई दो दिन की बैठक को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की एक बड़ी कूटनीतिक सफलता समझा जा रहा था। लेकिन दो घटनाओं ने इस आयोजन की चमक पर पानी फेर दिया।

विज्ञापन


पहली घटना पाकिस्तान में गहराई राजनीतिक अस्थिरता है। ये सम्मेलन उस वक्त हो रहा है, जब इसी हफ्ते इमरान खान की सरकार के गिरने की संभावना काफी मजबूत मानी जा रही है। दूसरी घटना इस सम्मेलन के प्रति अफगानिस्तान का रुख है। दिसंबर में जब ओआईसी विदेश मंत्रियों का पिछला सम्मेलन यहां हुआ, तब उसका प्रमुख एजेंडा अफगानिस्तान की स्थिति था। लेकिन तभी ये खबर आई थी कि पाकिस्तान सरकार ने जिस तरह अफगान प्रतिनिधिमंडल को पृष्ठभूमि में रखा, उसे अफगानिस्तान में सत्तारूढ़ तालिबान बहुत नाराज हुआ।

तालिबान ने प्रतिनिधित्व का स्तर गिराया

तब तालिबान ने शिकायत जताई थी कि ओआईसी की अफगानिस्तान की स्थिति पर हुई बैठक का पाकिस्तान ने अपने हित साधने के लिए इस्तेमाल किया। तो इस बार तालिबान ने अपने विदेश मंत्री आमिर खान मुट्टाकी को सम्मेलन में नहीं भेजा है। अफगान सरकार ने सोमवार को फैसला किया कि इस सम्मेलन में विदेश मंत्रालय के अधिकारी मोहम्मद अकबर अजीमी अफगानिस्तान की नुमाइंदगी करेंगे। इस तरह उसने प्रतिनिधित्व का स्तर गिरा दिया। इसे पाकिस्तान और अफगान तालिबान के रिश्तों में जारी कड़वाहट का संकेत समझा गया है।  

ओआईसी के यहां चल रहे सम्मेलन में अफगानिस्तान की हालत भी चर्चा का एक प्रमुख मुद्दा है। इस सम्मेलन की थीम (विषयवस्तु) ‘एकता, न्याय और विकास’ घोषित किया गया है। कहा गया है कि इसमें उन तमाम मसलों पर विचार होगा, जिनसे ‘मुस्लिम जगत’ जूझ रहा है। इस सम्मेलन की एक खास बात यह है कि इसे संबोधित करने के लिए चीन के विदेश मंत्री वांग यी को आमंत्रित किया गया है। वांग का यहां आना चीन की एक बड़ी कूटनीति सफलता है। जिस समय पश्चिमी देशों ने चीन के शिनजियांग प्रांत में मुस्लिम उइघुर समुदाय के कथित दमन के मुद्दे पर चीन को कठघरे में कड़ा कर रखा है, मुस्लिम देशों के सबसे संगठन ने उन्हें विशेष अतिथि बनाने का फैसला किया है।

कश्मीर को एजेंडे में शामिल किया

इस सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र, रूस और यूरोपियन यूनियन के साथ ओआईसी का सहयोग बढ़ाने के रास्तों पर भी चर्चा होनी तय है। इसके अलावा फिलस्तीन, लीबिया, यमन, सूडान, सोमालिया, सीरिया और कश्मीर से जुड़े मुद्दों को इसके चर्चा के एजेंडे में शामिल किया गया है।

विज्ञापन


हाल में संयुक्त राष्ट्र ने हर साल 15 मार्च को इस्लामोफोबिया के खिलाफ दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है। ओआईसी इसे अपनी बड़ी कामयाबी मान रहा है। इसके लिए वह काफी समय से मुहिम चला रहा था। इमरान खान यह दावा कर चुके हैं कि उनकी पहल पर ही ओआईसी ने ये मुहिम तेज की थी। इस सम्मेलन में भी इस समस्या पर विचार हो रहा है। लेकिन इमरान सरकार का भविष्य अनिश्चित हो जाने से इस मसले और ओआईसी सम्मेलन की चमक काफी फीकी हो गई है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें