कराची में गुरुवार को तीन मंजिला रिहायशी इमारत गिरने से आठ लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, शुक्रवार को राहत बचाव में जुटी टीम ने मलबे से और शवों को बाहर निकाला, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। साथ ही इस हादसे में घायलों की संख्या 36 हो गई। वहीं, दबे हुए लोगों को बाहर निकालने का कार्य जारी है।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि यहां रहने वाले लोगों ने गैरकानूनी तरीके से शहर के भीड़भाड़े वाले इलाके गुलबहार में 80 गज जमीन पर तीन मंजिला इमारत बना रखी थी। इस कारण यहां खतरे की संभावना ज्यादा थी।
उन्होंने बताया कि इमारत की तीसरी मंजिल का एक हिस्सा ढह गया और इसके चलते पूरी इमारत भरभरा कर गिर गई। फिलहाल बचाव अभियान जारी है, लेकिन यह बहुत ही कठिन और धीमी रफ्तार से हो रहा है क्योंकि जिस जगह यह हादसा हुआ है वह सड़क बहुत संकरी है, इसलिए हम एंबुलेंस और अन्य भारी वाहनों को वहां नहीं पहुंचा पा रहे हैं।
अधिकारी ने बताया कि मशीनों को वहां नहीं पहुंचा पाने के चलते बचाव कार्य को फावड़े से किया जा रहा है, इसलिए मलवा हटाने में ज्यादा समय लग रहा है। उन्होंने कहा कि सुबह के समय मलबे से दो और शवों को बरामद किया गया है।
अब्बासी शहीद अस्पताल के सहायक सर्जन मुहम्मद सलीम ने पुष्टि की है कि इमारत के गिरने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 18 हो चुकी है। मरने वाले लोगों में 11 महिलाएं, दो आदमी और पांच बच्चे शामिल हैं। सलीन ने बताया कि अभी तक 20 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी चोटों का इलाज चल रहा है।
कराची के मेयर वसीम अख्तर ने कहा कि प्रारंभिक पूछताछ से पता चला है कि तीसरी मंजिल का निर्माण अवैध रूप से किया गया था क्योंकि इमारत पुरानी थी और इसे सीमित स्थान पर बनाया गया था। उन्होंने कहा कि इन अवैध निर्माणों को अनुमति देने या उन पर आंखें मूंद लेने के लिए शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी क्योंकि उन्होंने लोगों के जीवन को खतरे में डाल दिया है।
कराची के कई पुराने इलाकों में, अधिकारियों ने कई इमारतों को रहने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है, लेकिन सरकारी विभागों में लालफीताशाही और भ्रष्टाचार के कारण कोई भी आदेश सही तरीके से निष्पादित नहीं किया जाता है। कराची पाकिस्तान का सबसे बड़ा शहर है और लाखों लोगों का घर है, जो देश के अन्य हिस्सों और यहां तक कि विदेशों से भी इस महानगरीय शहर में चले आते हैं।