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पाकिस्तान: आईएसआई चीफ के पद से हटाए गए इमरान के करीबी फैज हमीद, भारी पड़ा तालिबान से याराना

Wed, 06 Oct 2021 05:46 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

प्रधानमंत्री इमरान खान के बेहद खास माने जाने वाले आईएसआई के प्रमुख फैज हमीद को पद से हटाने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले के बाद इमरान खान पर सेना के दबाव में काम करने की अटकलों को और बल मिला है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट...
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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अफगानिस्तान में सत्ता पर नियंत्रण हासिल करने में तालिबान की मदद करने वाले पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख जनरल फैज हमीद को पद से हटा दिया गया है। फैज हमीद पिछले महीने ही सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा को जानकारी दिए बगैर की काबुल यात्रा पर गए थे। यहां उन्होंने तालिबानी नेताओं के साथ मुलाकात की थी। कहा जा रहा है कि हमीद के इसी कदम के बाद से ही बाजवा उनसे नाराज थे। 

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फैज हमीद को प्रधानमंत्री इमरान खान का बेहद करीबी माना जाता है। कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इमरान खान अगले साल हमीद को सेना प्रमुख नियुक्त करने की योजना बना रहे थे। लेकिन बाजवा के साथ अमेरिका की नाराजगी और तालिबान से याराना फैज हमीद को भारी पड़ गया। अब उन्हें पेशावर कॉर्प्स कमांडर का प्रमुख बनाया गया है। वहीं, इस फैसले के बाद इमरान खान पर सेना के दबाव की अटकलें को भी और बल मिला है।





क्या सेना के दबाव में लिया इमरान खान ने यह फैसला?
आईएसआई के प्रमुख यानी महानिदेशक की नियुक्ति और उसे हटाने का विशेषाधिकार प्रधानमंत्री के पास होता है, लेकिन इसके लिए उसे सेना प्रमुख से सलाह लेनी होती है। इसके अनुसार फैज हमीद को हटाने का फैसला भी इमरान खान ने ही लिया है, लेकिन उनकी हमीद से नजदीकी के चलते लगता नहीं कि यह फैसला इतनी आसानी से लिया गया होगा। कहा जा रहा है कि इमरान खान, फैज हमीद को हटाने के फैसले के हक में नहीं थे।
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हमीद को हटाने में अमेरिका का भी हो सकता है दखल
इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि इस फैसले में अमेरिका का दखल भी हो सकता है। दरअसल, फैद हमीद की काबुल यात्रा और तालिबान के नेताओं से मुलाकात को अमेरिका ने भी पसंद नहीं किया था। बाइडन के प्रशासन ने भी इस पर आपत्ति जताई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार व्हाइट हाउस को ऐसा लग रहा था जैसे हमीद, तालिबान के साथ मिलकर अफगानिस्तान में अमेरिका की हार का जश्न मना रहे थे।

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