पाक खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विस इंटेलिजेंस (आईएसआई) ने देश में स्थित सिख आतंकी संगठनों के प्रमुखों को अब ड्रग तस्कर बना दिया है, जो भारत में और विशेष तौर पर पंजाब के युवाओं को नशे की लत लगाने का घिनौना काम कर रहे हैं। इतना ही नहीं इन आतंकी संगठनों के प्रमुखों में ड्रग्स की सप्लाई को लेकर प्रतिस्पर्धा भी बढ़ गई है और ये लोग भारत में हेरोइन जैसे ड्रग्स की तस्करी के लिए एक-दूसरे को पछाड़ने की कोशिश में लगे रहते हैं।
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, पिछले साल जुलाई में वाघा में दोनों देशों के बीच करतारपुर कॉरिडोर के दूसरे दौर की वार्ता के दौरान भारत ने पाक में रह रहे 15 खलिस्तान समर्थकों के खिलाफ 23 पन्नों का डोजियर पाकिस्तान को सौंपा था। डोजियर में गोपाल सिंह चावला की सोशल मीडिया पर भारत-विरोधी गतिविधियों के बारे में जानकारी भी थी।
27 जनवरी को पाकिस्तान स्थित सिख आतंकी संगठन खलिस्तान लिबरेशन फोर्स का शीर्ष नेता हरमीत सिंह उर्फ हैप्पी पीएचडी लाहौर के डेरा चहल गुरुद्वारा में पैसों के विवाद को लेकर मारा गया था। सिख आतंकी संगठनों में ड्रग्स सप्लाई को लेकर प्रतिद्वंद्विता के चलते उसकी हत्या हुई। बता दें कि हैप्पी पीएचडी पंजाब (भारत) में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कई नेताओं की हत्या में कथित रूप से शामिल था।