शुक्रवार देर रात ब्रिटेन आधिकारिक रूप से यूरोपीय संघ (ईयू) से आजाद हो गया है। ब्रिटेन में भारतीय कंपनियों तथा भारत में विस्तार की इच्छुक ब्रिटिश कंपनियों के लिए यह ब्रेग्जिट स्वागत योग्य होगा। शनिवार से दिसंबर अंत तक ब्रेग्जिट के लिए आधिकारिक बदलाव की अवधि होगी। यानी ब्रिटेन और ईयू के बीच व्यापार मोर्चे पर यथास्थिति रहेगी, लेकिन ब्रिटेन को दुनियाभर में नए करार की आजादी होगी।
कोबरा बीयर के संस्थापक एवं कनफेडरेशन आफ ब्रिटिश इंडस्ट्री (सीबीआई) के उपाध्यक्ष लॉर्ड करण बिलिमोरिया ने कहा कि इस बात को लेकर कोई संदेह नहीं है कि ब्रिटेन के लिए भारत एक महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदार होगा और ब्रिटेन यूरोपीय संघ के बाहर नया भविष्य चुन सकेगा।
लंदन मुख्यालय वाले कपारो समूह के प्रमुख लॉर्ड स्वराज पॉल ने कहा कि ब्रेग्जिट वार्ता ठीक तरीके से आगे नहीं बढ़ पाई। आज हर कोई खुश है कि यह हो गया है। हिंदुजा समूह के सह चेयरमैन जीपी हिंदुजा ने कहा कि यह भारत-ब्रिटेन रिश्तों के लिए रोमांचक समय है।
एफटीए से भारत को बाजार मिलेगा
ब्रिटेन में 800 से ज्यादा भारतीय कंपनियां 1.10 लाख लोगों को रोजगार देती हैं। ब्रिटिश मुद्रा पाउंड की कीमत घटने से इनके मुनाफे पर नकारात्मक असर जरूर होगा। लेकिन ब्रिटेन से मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) हो सकता है। इससे भारत का निर्यात बढ़ेगा।
भारत के लिए अवसर
एफडीआई आंकड़ों के अनुसार, 2000 व 2016 के बीच, ब्रिटेन ने भारतीय उद्योग में 24 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया। जनवरी 2009 से अक्तूबर 2019 के बीच अकेले लंदन में भारतीय कंपनियों द्वारा कुल 2.78 अरब पाउंड का निवेश किया गया। ब्रेग्जिट (ईयू से ब्रिटेन का अलगाव) के बाद भी यह परिदृश्य जारी रहने की संभावना है। यह तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक अवसर होगा।
जॉनसन ने बताया साधारण मोड़
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इसे देश के काल का एक असाधारण अध्याय बताया है। उन्होंने कहा, 'आज रात हम यूरोपीय संघ से अलग हो गए, यह इस देश के इतिहास में एक असाधारण मोड़ है। आइए हम सभी मिलकर ब्रेग्जिट से मिलने वाले सभी अवसरों का लाभ उठाएं और उन सभी अवसरों का लाभ उठाएं जो ब्रेग्जिट प्रदान करेगा और पूरे ब्रिटेन की क्षमता को उजागर करें।'