फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तोशाखाना मामला: इमरान की गिरफ्तारी के बाद लाहौर हाईकोर्ट पहुंची PTI, कहा- बंदूक की नोक पर किया अपहरण

Sat, 05 Aug 2023 05:08 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

इस्लामाबाद ट्रायल कोर्ट ने इमरान खान पर भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विज्ञापन
इमरान खान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। तोशाखाना केस में इमरान खान को जिला-सत्र न्यायालय ने दोषी ठहराया है। उन्हें इस मामले में तीन साल की सजा सुनाई गई है। बताया गया है कि सजा के एलान के बाद इस्लामाबाद पुलिस ने इमरान को लाहौर से गिरफ्तार कर लिया। 

विज्ञापन


इस्लामाबाद की अतिरिक्त न्यायाधीश हुमायूं दिलावर ने इमरान पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने कहा कि जुर्माना न देने पर उन्हें और छह महीने तक जेल में रखा जाएगा। दिलावर ने अपने फैसले में कहा, “पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष के खिलाफ संपत्ति की गलत घोषणा करने के आरोप सही साबित हुए हैं।”

अदालत के फैसले के बाद इस्लामाबाद पुलिस ने पंजाब पुलिस की मदद से इमरान को उनके लाहौर स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया। इमरान के परिवार ने यह जानकारी दी। उनकी पार्टी ने बताया कि इमरान को पंजाब की ही कोट लखपत जेल ले जाया गया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के विशेष सहायक अताउल्लाह तरार ने इमरान की गिरफ्तारी की पुष्टि की। उन्होंने कहा, "यह बाद में तय किया जाएगा कि उन्हें रावलपिंडी की अदियाला जेल में रखा जाएगा या कहीं और।” 
विज्ञापन


पीटीआई ने खटखटाया ने हाईकोर्ट का दरवाजा
इस बीच, पीटीआई ने आज लाहौर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल में इमरान की गिरफ्तारी को पंजाब पुलिस द्वारा 'बंदूक की नोक पर अपहरण' करार दिया। याचिकाकर्ता और पार्टी के अतिरिक्त महासचिव उमैर नियाजी ने कोर्ट से अनुरोध किया कि वह बिना किसी देरी के उनकी याचिका पर सुनवाई करे और पंजाब पुलिस व सरकार को निर्देश दे कि पूर्व प्रधानमंत्री को उसके समक्ष पेश किया जाए ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा, सरकार ने खान को अवैध हिरासत में रखा है। इमरान खान आज दोपहर 12:45 बजे अपने जमान पार्क स्थित आवास पर एख बैठक में भाग ले रहे थे, जब करीब दो सौ पुलिसकर्मी घर के अंदर घुस गए और बंदूक की नोक पर उनका अपहरण कर लिया। वे उन्हें अवैध हिरासत में रख रहे हैं। वहीं, लाहौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने खान को दोषी ठहराए जाने की निंदा करते हुए कहा, 'यह न्याय का वध और निष्पक्ष सुनवाई से संबंधित कानून का उल्लंघन है।'

चुनाव आयोग ने पहले ही इमरान को अयोग्य घोषित किया
गौरतलब है कि तोशाखाना मामला पिछले साल पाकिस्तान निर्वाचन आयोग (ईसीपी) की शिकायत पर दायर किया गया था। ईसीपी इससे पहले इसी मामले में खान को अयोग्य करार दे चुकी थी। पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने पिछले साल 21 अक्तूबर को खान को झूठे बयान और गलत जानकारी देने के आरोप में सार्वजनिक पद संभालने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था।

इमरान खान बोले- पार्टी का वोट बैंक बढ़ रहा है तो आप उसे कैसे कुचलेंगे
गिरफ्तारी से पहले इमरान खान ने दावा किया कि उनकी पार्टी अगले चुनावों में जीत हासिल करेगी। शहबाज सरकार सैन्य प्रतिष्ठान की जांच की आड़ में उनके समर्थकों के खिलाफ प्रतिशोधात्मक कार्रवाई कर रही है। इससे केवल पीटीआई का वोट बैंक बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलों की जांच तो बहाना है, इनके द्वारा पहले ही मेरी पार्टी को कुचलने की योजना बनाई गई। इमरान बोले कि जब पार्टी का वोट बैंक बढ़ रहा है तो आप उसे कैसे कुचलेंगे? पीटीआई प्रमुख इमरान ने कहा कि अदालतें उनका कार्यालय बन गई हैं जहां वह रोजाना सुनवाई के लिए जाते हैं। 

क्या है तोशाखाना मामला? 

  • दरअसल, पाकिस्तान के कानून के अनुसार किसी विदेशी राज्य के गणमान्य व्यक्तियों से प्राप्त कोई भी उपहार स्टेट डिपॉजिटरी यानी तोशाखाना में रखना होता है। अगर राज्य का मुखिया उपहार को अपने पास रखना चाहता है तो उसके लिए उसे इसके मूल्य के बराबर राशि का भुगतान करना होगा। यह एक नीलामी की प्रक्रिया के जरिए तय किया जाता है। ये उपहार या तो तोशाखाना में जमा रहते हैं या नीलाम किए जा सकते हैं और इसके माध्यम से अर्जित धन को राष्ट्रीय खजाने में जमा किया जाता है। 
  • पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के प्रमुख खान पर प्रधानमंत्री रहते हुए स्टेट डिपॉजिटरी यानी तोशाखाना से रियायती मूल्य पर प्राप्त एक महंगी ग्राफ कलाई घड़ी सहित अन्य उपहार खरीदने और लाभ के लिए उन्हें बेचने का आरोप है। इमरान खान को आधिकारिक यात्राओं के दौरान करीब 14 करोड़ रुपये के 58 उपहार मिले थे। इन महंगे उपहारों को तोशाखाना में जमा किया गया था। बाद में इमरान खान ने इन्हें तोशाखाना से सस्ते दाम पर खरीद लिया और फिर महंगे दाम पर बाजार में बेच दिया। इस पूरी प्रक्रिया के लिए उन्होंने सरकारी कानून में बदलाव भी किए। 
  • मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इमरान ने 2.15 करोड़ रुपये में इन उपहारों को तोशाखाना से खरीदा और इन्हें बेचकर 5.8 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। इन उपहारों में एक ग्राफ घड़ी, कफलिंक का एक जोड़ा, एक महंगा पेन, एक अंगूठी और चार रोलेक्स घड़ियां शामिल थे। बिक्री का विवरण साझा न करने के कारण उन्हें पिछले साल अक्तूबर में पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) द्वारा अयोग्य घोषित कर दिया गया था। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें