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Pakistan: 'जेल में नहीं दी जा रहीं बुनियादी सुविधाएं', इमरान खान बोले- पंजाब की CM मरियम नवाज पर दर्ज हो केस

Tue, 26 Aug 2025 07:04 PM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज और जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खान ने पुलिस से कहा कि उन्हें अडियाला जेल में रोशनी, परिवार से मुलाकात, डॉक्टर और किताबों जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है।
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पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान - फोटो : ANI
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विस्तार
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ और जेल प्रशासन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। खान ने पुलिस में आवेदन देकर कहा है कि उन्हें रावलपिंडी की अडियाला जेल में बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल रहीं और इसके पीछे सीधा आदेश मरियम नवाज का है।
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72 वर्षीय इमरान खान ने पुलिस प्रमुख को लिखे पत्र में कहा कि उनकी सेल में रोशनी तक नहीं है और मुलाकात के अधिकार भी छीन लिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार के इशारे पर उनके साथ कैदी होने के बावजूद कानूनी और मानवीय अधिकारों का हनन किया जा रहा है। खान ने मरियम नवाज़ और आठ जेल अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

परिवार और वकीलों से मुलाकात पर रोक
इमरान खान ने कहा कि उनके परिवार और वकीलों से मुलाकात पूरी तरह बंद कर दी गई है। पुलिस चौकी पर तैनात अधिकारी जैनब और ऐजाज पर भी उन्होंने परिवार के साथ दुर्व्यवहार और परेशान करने के आरोप लगाए। खान का कहना है कि उन्हें पूरी तरह बाहरी दुनिया से काटकर रखा गया है ताकि वे देश की हालात से अनजान रहें। टीवी और अखबार तक उन तक नहीं पहुंचने दिए जा रहे।
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जेल से बाहर संदेश साझा करते हुए इमरान खान ने कहा कि उन्हें दोबारा एकांतवास में डाल दिया गया है। उन्होंने लिखा कि वह राष्ट्र की असली आजादी के लिए संघर्ष कर रहे हैं और पीछे नहीं हटेंगे। खान ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी बुशरा बीबी को भी इसी तरह अमानवीय व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है और मुलाकात की इजाज़त तक नहीं मिल रही।
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इलाज और किताबों तक से वंचित
खान ने आगे बताया कि उनके परिवार की ओर से भेजी गई दर्जनों किताबों में से केवल चार ही उन्हें दी गईं, बाकी जब्त कर ली गईं। डॉक्टर तक पहुंच से वंचित कर उनके स्वास्थ्य अधिकार को भी छीना गया है। उन्होंने इसे बुनियादी मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए न्याय की गुहार लगाई। मामला अब पाकिस्तान में राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन चुका है।


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