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Pakistan: 'चुनाव में ₹14.9 अरब खर्च, जांच हो'; जेल में बंद इमरान के निर्देश पर IMF प्रमुख क्रिस्टालीना को पत्र

Thu, 29 Feb 2024 05:21 AM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
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आईएमएफ निदेशक क्रिस्टालीना जॉर्जिवा और पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान (फाइल) - फोटो : ANI
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान जेल में बंद हैं। हाल ही में संपन्न पाकिस्तान के आम चुनाव भी सुर्खियों में रहे। इमरान खान समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सबसे अधिक संख्या में जीते। हालांकि, ताजा घटनाक्रम में इमरान खान एक पत्र के कारण चर्चा में हैं। खबरों के मुताबिक इमरान की तरफ से अंतररराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) को भेजा गया पत्र सामने आया है। इमरान खान की तरफ से आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टालीना जॉर्जिवा को लिखे गए इस पत्र में पाकिस्तान की भावी सरकार पर टिप्पणी की गई है।
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एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ( पीटीआई ) पार्टी के संस्थापक इमरान खान के निर्देशों पर लिखी गई इस चिट्ठी में उन्होंने आईएमएफ से कहा, 'जब किसी देश पर वैध प्रतिनिधित्व के बिना एक सरकार थोपी जाती है, तो उसके पास शासन करने और विशेष रूप से कराधान उपायों को लागू करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं होता। पत्र के अनुसार, इमरान खान और आईएमएफ प्रतिनिधियों के बीच 2023 में आखिरी बातचीत हुई थी। इसमें पीटीआई ने पाकिस्तान में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की शर्त पर आईएमएफ की वित्तपोषण सुविधा को लेकर सहमति बनी थी।

इमरान के पत्र से जुड़ी एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक इमरान की पार्टी ने इस संदर्भ में कहा कि 8 फरवरी, 2024 को पाकिस्तान में हुए आम चुनावों में, लगभग 50 बिलियन पाकिस्तानी रुपये (पीकेआर) लगभग 180 मिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च हुए। पीटीआई ने 'मतगणना में व्यापक हस्तक्षेप और धोखाधड़ी' के आरोप भी लगाए। इमरान की पार्टी के मुताबिक मामला इतना गंभीर है कि आईएमएफ के सदस्य अमेरिका , ब्रिटेन और यूरोपीय संघ सहित कई देशों ने पारदर्शी जांच का आह्वान किया है।
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आईएमएफ से सुशासन के संबंध में अपनाए जाने वाले दिशानिर्देशों को अधिक प्रभावी बनाने का आह्वान करते हुए इमरान खान ने कहा, 'दो सप्ताह के भीतर राष्ट्रीय और प्रांतीय विधानसभाओं की कम से कम 30 प्रतिशत सीटों का ऑडिट सुनिश्चित किया जाना चाहिए। वित्तीय सुविधा देने से पहले पाकिस्तान की तरफ से IMF की सभी शर्तों का अनुपालन होना चाहिए। ऐसा न होने पर पाकिस्तान के लोगों पर कर्ज का बोझ बढ़ेगा। 

एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक पीटीआई ने कहा, 'हम आईएमएफ से जांच एजेंसी की भूमिका अपनाने का आह्वान नहीं कर रहे।' इमरान की पार्टी ने निष्पक्ष चुनाव नेटवर्क (एफएएफईएन) और पैटन-गठबंधन 38 का जिक्र कर कहा, पाकिस्तान में कम से कम दो स्वदेशी संगठन हैं। इन दोनों ने स्वतंत्र चुनाव आयोजित करने के लिए व्यापक तरीकों का प्रस्ताव दिया है। आम चुनाव 2024 का ऑडिट करने के बाद इनके प्रस्तावों को कुछ संशोधनों के साथ स्थानीय स्तर पर लागू किया जा सकता है। इससे सभी हितधारकों को संतुष्ट किया जा सकेगा।
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