हज सब्सिडी खत्म का करने का ये फैसाल प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता वाली संघीय मंत्रीमंडल की बैठक में लिया गया है। इस बात पर अब बहस छिड़ गई है। कहा जा रहा है कि क्या इस्लाम सब्सिडी युक्त हज की इजाजत है?
कादरी के हवाले से एक न्यूज चैनल ने कहा है कि पिछली सरकार हज यात्रियों को 42-42 हजार रुपये की सब्सिडी देती थी। जिसके कारण राजकोष पर 450 करोड़ रुपये का अतिरिक्त दबाव आता था। लेकिन देश के मौजूदा आर्थित हालतों को ध्यान में रखते हुए संघीय कैबिनेट की बैठक ने इस सब्सिडी को खत्म करने का फैसला लिया है।
पाकिस्तानी मंत्री का कहना है कि इस साल 1 लाख 84 हजार पाकिस्तानी नागरिक हज यात्रा करेंगे। इनमें से एक लाख 7 हजार लोग सरकारी कोटे से जबकि बाकी के लोग निजी कोटे से हज यात्रा पर जाएंगे।