पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए फजल-उर-रहमान के नेतृत्व वाले जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (जेयूआई-एफ) से जुड़े संगठन अंसारुल इस्लाम पर प्रतिबंध लगा दिया।
पाकिस्तानी सरकार की तरफ से यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि जेयूआई-एफ द्वारा अगले सप्ताह देश में व्यापक स्तर पर किए जाने वाले प्रदर्शन को कमजोर किया जा सके। संगठन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठने की योजना बनाई थी।
पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी करते हुए अंसार उल-इस्लाम को प्रतिबंधित करने की घोषणा की और कहा कि यह संगठन एक सैन्य संगठन के रूप में कार्य करने में सक्षम है।
हाल ही में यह संगठन तब चर्चा में आया था, जब इसने जेयूआई-एफ के नेता फजल-उर-रहमान को सेना की तरह सलामी दी थी। इसके सदस्य अपने पास लाठी या बेंत रखते हैं और जेयूआई-एफ के कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा आदि संभालते हैं।
इसके संगठन के सदस्यों की संख्या के बारे में पाक सरकार के पास कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं है। इमरान सरकार ने सेना प्रमुख जनरल बाजवा की फजल-उर-रहमान से मुलाकात के बाद यह फैसला किया है।
गौरतलब है कि जमीयत उलेमा ए इस्लाम (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फजल-उर-रहमान ने घोषणा की है कि वह 31 अक्तूबर को सरकार के खिलाफ इस्लामाबाद में प्रदर्शन करेंगे। पीएमएल-एन, पीपीपी, एएनपी और पीकेएमएपी सहित सभी प्रमुख विपक्षी दलों ने ‘आजादी मार्च’ को अपना समर्थन देने की घोषणा की है।
रहमान ने आरोप लगाया है कि जुलाई 2018 में हुए चुनाव में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी की मदद करने के लिए धांधली की गई थी। उन्होंने खान का इस्तीफा मांगा है।