इरशाद ने इस मामले का एक वीडियो पोस्ट किया है। वीडियो में इरशाद ने दावा किया है कि शाहजेब की हालत देख डॉक्टरों ने उसे एक कमरे में बंद करके उसे अपने हाल पर छोड़ दिया। वायरल वीडियो में कहा गया है कि स्वास्थ्य अधिकारियों ने शाहजेब को जांच और इलाज के लिए कराची भेजने का आश्वासन किया है, क्योंकि यहां के सरकारी अस्पताल में बीमारी के इलाज के इंतजाम नहीं हैं।
मंत्री ने जल्दबाजी नहीं कहकर पल्ला झाड़ा
सिंध प्रांत की स्वास्थ्य मंत्री अजरा फजल पेचूहो ने मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि शाहजेब के लिए अभी कोई जल्दबाजी नहीं है। उसमें कोरोनावायरस के लक्षण नहीं हैं।