एशिया पैसिफिक ग्रुप (एपीजी) की रिपोर्ट से पाकिस्तान को करारा झटका लगा है। एपीजी की फाइनल रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने मनी लॉन्डरिंग और आतंकवाद के वित्त पोषण को लेकर संतोषजनक कदम नहीं उठाया है।
एफएटीएफ एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जिसकी स्थापना जी7 देशों की पहल पर 1989 में की गई थी। इसका मुख्यालय पेरिस में है। ये संस्था दुनिया भर में हो रही मनी लॉन्ड्रिंग से निपटने के लिए नीतियां बनाती है। 2001 में इसने अपनी नीतियों में चरमपंथ के वित्तपोषण को भी शामिल किया था।
इसके कुल 38 सदस्य देश हैं, जिनमें भारत, अमरीका, रूस, ब्रिटेन, चीन भी शामिल हैं। जून 2018 से पाकिस्तान दुनिया भर की मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखने वाली संस्थाओं के निशाने पर है। चरमपंथियों को फंडिंग करने और मनी लॉन्ड्रिंग के खतरे को देखते हुए संस्था ने पाक को 'ग्रे लिस्ट' में डाल दिया था। ग्रे लिस्ट में पाक के अलावा सर्बिया, श्रीलंका, सीरिया, त्रिनिदाद, ट्यूनीशिया और यमन भी हैं।