जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ औपचारिक तौर पर व्यापारिक संबंधों को निलंबित कर दिया है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने ये फैसला लिया। राष्ट्रीय सुरक्षा समिति और संसद के संयुक्त सत्र ने भी इन निर्णयों का समर्थन किया है। इन्हीं फैसलों में से एक है भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को निलंबित करना।
पुलवामा आतंकी हमले के बाद दोनों पड़ोसियों के बीच व्यापारिक संबंध पहले से ही तनावपूर्ण थे, क्योंकि भारत ने पड़ोसी राष्ट्र से आयातित सभी सामानों पर 200 प्रतिशत सीमा शुल्क लगा दिया था। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल मार्च में पाकिस्तान का आयात 92 प्रतिशत घटकर 2.84 मिलियन डॉलर रह गया, जो मार्च 2018 में 34.61 मिलियन डॉलर था। वित्त वर्ष 2018-19 की जनवरी-मार्च अवधि के दौरान पाकिस्तान से आयात 47 प्रतिशत घटकर 53.65 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने और अगले आदेशों तक निर्णय को लागू करने के लिए कैबिनेट की बैठक के तुरंत बाद दो अधिसूचनाएं जारी की गईं।
एक अधिसूचना में भारत के साथ सभी तरह के निर्यात निलंबित करने की बात की गई है। और दूसरी में भारत से आयातित सामान को निलंबित करने की बात की है। इससे पहले ये प्रतिबंध केवल इस्त्रायल तक ही सीमित था। जिसके साथ पाकिस्तान का कोई व्यापारिक संबंध नहीं है।
भारत ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटा दिया था। और राज्य को दो भागों में विभाजित कर केंद्र शासित प्रदेश बना दिया है। एक केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर है और दूसरा लद्दाख। तभी से पाकिस्तान इसका विरोध कर रहा है।