पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान
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जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाकिस्तान सरकार के साथ बातचीत कर रही अपनी वार्ता टीम से मुलाकात की मांग की है। उनका कहना है कि इससे बातचीत की प्रक्रिया सार्थक होगी। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक 72 वर्षीय खान ने अपनी पार्टी की मांगें भी रखी हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार सहमत हो जाती है तो वह पहले घोषित सविनय अवज्ञा आंदोलन को स्थगित कर देंगे।
इमरान खान ने पीटीआई गठबंधन के सहयोगी सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल (एसआईसी) के अध्यक्ष साहिबजादा मोहम्मद हामिद रजा को अपनी पार्टी की वार्ता समिति का प्रवक्ता बनाया है। नेशनल असेंबली के सदस्य रजा मानवाधिकारों पर नेशनल असेंबली की स्थायी समिति के अध्यक्ष भी हैं।
इमरान खान ने यह घोषणा मंगलवार को रावलपिंडी की अदियाला जेल में अपने वकीलों की टीम के साथ हुई बैठक के दौरान की। खान ने उस बैठक के बाद एक्स पर लिखा कि, पार्टी की वार्ता समिति के प्रयास अच्छी बात है। वार्ता प्रक्रिया को सार्थक बनाने के लिए, यह महत्वपूर्ण है कि मैं अपनी नामित वार्ता टीम से मिलूं ताकि मुझे मुद्दों की उचित समझ हो सके।
इससे पहले सोमवार को पाकिस्तान सरकार और इमरान खान की पार्टी ने अपनी पहली बैठक में खान की जेल से रिहाई समेत कई विवादास्पद मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई थी।
इससे पहले सोमवार को शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली पाकिस्तान सरकार द्वारा इमरान खान की पीटीआई के साथ औपचारिक बातचीत शुरू करने के लिए एक वार्ता समिति बनाने की बात कही थी। रजा को पीटीआई की वार्ता प्रक्रिया के प्रवक्ता के रूप में नामित करने के बाद, खान ने सरकार के साथ वार्ता की सफलता के लिए अपनी पार्टी की मांगों को भी आगे बढ़ाया है।
इनमें उनकी पार्टी के सभी विचाराधीन राजनीतिक कैदियों की रिहाई और इस साल 9 मई, 2023 और 26 नवंबर की घटनाओं की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग का गठन शामिल है।